ऋतुराज-कॉन्वे ने धोनी के फैसले को सही ठहराया
धोनी ने टॉस जीतकर शाम को गिरने वाली ओस को ध्यान में रखते हुए पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। गायकवाड़ और कान्वे ने धोनी को बिल्कुल भी निराश नहीं किया। दोनों ने अपनी फॉर्म को जारी रखते हुए पहले पांच ओवर में ही अर्धशतकीय साझेदारी की। सबसे पहले गायकवाड़ ने 37 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि पहले 10 ओवर में 87 रन बने थे, लेकिन चेन्नई का कोई विकेट नहीं गिरा था। दोनों ने इसके बाद रनों की गति को एकदम से बढ़ाया। 12वें ओवर में गायकवाड़ ने कुलदीप यादव पर लगातार तीन छक्के लगाए और चेन्नई का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
कॉन्वे-दुबे ने 21 गेंद में जोड़े 54 रन
14वें ओवर में दोनों ने टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 140 रन पहुंचा दिया। 10 ओवर के बाद अगले चार ओवर में दोनों ने 53 रन बनाकर चेन्नई के बड़े स्कोर की आधारशिला रख दी। इस दौरान कॉन्वे ने 33 गेंद में अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। 15वें ओवर में चेतन सकारिया ने गायकवाड़ को 79 रन पर आउट कर यह साझेदारी तोड़ी, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। गायकवाड़ ने 50 गेंद में तीन चौके और सात छक्के लगाए। कॉन्वे ने इसके बाद शिवम दुबे के साथ 21 गेंद में 54 रन की साझेदारी की। दुबे ने नौ गेंद में तीन छक्कों की मदद से 19 रन बनाए। कॉन्वे 52 गेंद में 11 चौके और तीन छक्के की मदद से 87 रन बनाकर आउट हुए। अंत में जडेजा ने सात गेंद में 20 रन की नाबाद पारी खेली और चेन्नई ने तीन विकेट पर 223 रन बनाए। यह दिल्ली में दूसरा बड़ा और इस सत्र का सर्वाधिक स्कोर रहा।