टीम इंडिया टी-20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी मेहमान टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार गई। मुंबई के वानखेड़े में हुए निर्णायक मैच में भारत 214 रनों से हार गया। हार का इतना बड़ा फासला, इसमें कोई शक नहीं कि यह भारत की सबसे दुखद हार में से एक है।
इस मैच में कई रोचक किस्से हुए। दो बड़े किस्सों का जिक्र हम आगे करेंगे। सबसे पहले बात करते हैं अफ्रीकी धुरंधरों की। नाबाद 133 रनों पर रिटायर हर्ट लौटने वाले फैफ डु प्लेसिस ने आखिरी 10 गेंदों में 4 छक्के और 2 चौके लगाए। यह वह वक्त था जब प्लेसिस पैर की मोच के कारण दौड़ नहीं पा रहे थे।
इसके अलावा यह दूसरी बार है जब किसी टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में तीन सेंचुरी लगी हो और दोनों बार यह कारनामा दक्षिण अफ्रीका ने ही किया है। इससे पहले जनवरी 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ।
आगे जानिए, मुंबई वनडे की हार भारत के लिए सबसे शर्मनाक क्यों हैं
जीवनदान मिलने का भी बन गया रिकॉर्ड
मुंबई में हुए अफ्रीका और भारत के बीच पांचवें वनडे मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से काफी बार एक-दूसरे को जीवनदान मिला।
अफ्रीकी टीम की बल्लेबाजी के दौरान भारतीय टीम के ऐसे फिल्डर जिन्हें गेंद हवा में लपकने में महारथ है वह आसान सा कैच छोड़ते हुए दिखे और टीम की फजीहत को और गुना कर गए।
अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, अमित मिश्रा और मोहित शर्मा इन्होंने कैच के मौके छोड़े। इसके अलावा रनआउट करने का मौका भी भारत ने कई बार गंवाया। शतक लगाने वाले क्विंटन डी कॉक और फैफ डु प्लेसिस के कैच उस वक्त ड्रॉप हुए जब बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे थे।
इतना ही नहीं फिल्डिंग में दिग्गज मानी जाने वाली टीम दक्षिण अफ्रीका ने भी कैच और रनआउट के कुछ मौके गंवाए। भारतीय बल्लेबाजों को कुछ जीवनदान मिले लेकिन उन मौकों को वे अफ्रीकी बल्लेबाजों की तरह भुना नहीं पाए।
मुंबई वनडे में हार इसलिए है सबसे शर्मनाक
महात्मा गांधी-नेल्सन मंडेला सीरीज में वनडे सीरीज के पांचवें और फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया की हार बेहद शर्मनाक है, सिर्फ इसलिए नहीं कि भारत अपनी धरती में 214 रनों से हार गया। सिर्फ यही आंकड़े पर्याप्त नहीं है। भारत की इस हार में एक और तथ्य छिपा है।
दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन बल्लेबाजों के शतक की बदौलत 439 रनों का बेहद मुश्किल लक्ष्य दिया था। जिसके जवाब में भारत सिर्फ 36 ओवरों में ही 224 रनों पर सिमट गया।
अफ्रीकी टीम की ओर से कुल 20 छक्के और 38 चौके लगे। कुल मिलाकर यदि अफ्रीकी बल्लेबाजों द्वारा लगे सिर्फ चौके और छक्कों की ही बात करें तो इसका कुल 272 रन बनता है। जिसे भारतीय टीम दौड़कर और चौकों और छक्कों के साथ मिलाकर भी पार नहीं कर सकी।