केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने इस साल देश में हुए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के लिए दी गई कर्ज छूट के दस्तावेज का खुलासा करने का आयकर विभाग को निर्देश दिया है। सूचना आयुक्त राजीव माथुर ने निर्देश दिया कि जिस आधार पर विश्व कप के लिए कर्ज छूट देने का फैसला किया गया, उसे सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने हालांकि आयकर विभाग को दस्तावेज के उन हिस्सों का खुलासा नहीं करने की अनुमति दे दी है, जिन्हें वह आरटीआई एक्ट के प्रावधानों के तहत बेहद महत्वपूर्ण व गोपनीय समझता है। सीआईसी का यह आदेश आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की याचिका पर आया है जिसमें पूछा गया था कि आखिर किस आधार पर विश्व कप के लिए 45 करोड़ रुपये की छूट दे दी गई।
अग्रवाल ने इस फैसले से राजस्व को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया था। छूट देने का फैसला पिछले साल हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, जिसमें आईसीसी के तत्कालीन अध्यक्ष और कृषि मंत्री शरद पवार भी मौजूद थे।