एक जमाना था, जब वेस्टइंडीज़ में क्रिकेट नहीं खेला जाता था। वेस्टइंडीज में केवल कैलिप्सो और कार्निवल का ही मौसम होता था। एक बार फिर कैलिप्सो और कार्निवाल मौसम लौट आया है। सबसे बड़ी बात ये है कि इसके लिए क्रिकेट ने माहौल बनाया है। वेस्टइंडीज एक बार फिर क्रिकेट का चैंपियन बन गया है, ये अलग बात है वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे नए संस्करण टी20 का विजेता बना है। वेस्टइंडीज टी20 विश्व कप के फाइनल में मेजबान श्रीलंका को 36 रनों से हराकर इस संस्करण का विजेता बना है।
50-50 क्रिकेट विश्व कप के पहले तीन फाइनल वेस्टइंडीज ने खेले। पहले दो (1975 और 1979) में वेस्टइंडीज ने कब्जा भी जमाया। लेकिन 1983 के फाइनल में भारत से हार के बाद जैसे वेस्टइंडीज क्रिकेट को लकवा मार गया। धीरे-धीरे वेस्टइंडीज क्रिकेट बिरादरी में गायब होने लगा। 1983 के बाद 2012 में एक बार फिर मौका आया जब क्रिकेट ने वेस्टइंडीज को झूमने पर मजबूर कर दिया है। आज फिर वहां तुरही बज रही है, कैरिबियन अंदाज में तेज आवाज में फैन्स बहस कर रहे हैं, बोतलें खुल रही हैं, मस्ती हो रही है।
करीब तीन दशकों से पूरी दुनिया जिस कैरिबियन कैलिप्सो को मैदान में देखने के लिए तरस रही थी, वो नजारा रविवार को प्रेमदासा स्टेडियम में देखने को मिला। टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में जैसे ही सुनील नारायन की गेंद पर लसिथ मलिंगा के रूप में श्रीलंका का आखिरी विकेट गिरा, पूरी वेस्टइंडीज टीम खुशी से झूम उठी...और फिर क्रिकेटप्रेमियों ने दिल को सुकून देने वाला कैरिबियाई कैलिप्सो डांस देखा। श्रीलंका पर वेस्टइंडीज की 36 रन से इस खिताबी जीत पर स्टेडियम में बैठे कैरिबियाई दर्शक भी रंग गए।