कोरोना महामारी से जहां एक ओर दुनिया अपने घरों में कैद है तो खेल की गति थी थम गई। पहले ओलंपिक एक साल के लिए टला फिर उसी तर्ज पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार विम्बलडन को रद्द किया गया और आईपीएल अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। कई खिलाड़ियों ने कहा कि क्रिकेट की वापसी होनी चाहिए, भले ही मैच बिना दर्शकों के यानी खाली स्टेडियम में हो।
खिलाड़ी अब दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में खेलने के आदि हो चुके हैं। कईयों ने माना कि दर्शकों के बिना खेलने के लिए अभ्यस्त होने में थोड़ा समय लगेगा।
इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने के बाद जब क्रिकेट की वापसी होगी तब बिना दर्शकों के खेलना काफी 'अजीब' होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि इसका यह फायदा होगा कि यह खेल अपने 'विशुद्ध रूप' में पहुंच जाएगा जहां खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा को कोई नहीं देखेगा।
मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हरफनमौला खिलाड़ियों में शामिल इंग्लैंड के बेन स्टोक्स ने कहा कि अगर खाली स्टेडियमों में क्रिकेट मैच खेले जाते हैं तो भी प्रतिस्पर्धा की भावना कम नहीं होगी।
इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने संकेत दिया है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी श्रृंखला को दर्शकों के बिना खेला जा सकता है। इस पर जब स्टोक्स से उनकी राय मांगी गयी तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि दर्शकों के बिना खेलने में परेशानी होगी। हम अपने देश का प्रतिनिधित्व करते है। हमें देश के लिए जीतना होता है। ऐसे में मैदान में दर्शक रहे या नहीं रहे इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।'
इंग्लैंड के लिए 63 टेस्ट, 95 एकदिवसीय और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले स्टोक्स ने कहा मौजूदा स्थिति में सबसे अच्छा विकल्प यही है कि स्वास्थ्य सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करते हुए टेलीविजन के लिए क्रिकेट खेली जाए।