भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि आईपीएल के 2021 सत्र को उन्हें इसलिए बीच में छोड़ना पड़ा क्योंकि उनका लगभग पूरा परिवार कोरोना संक्रमित था। उनके स्वास्थ्य की चिंता में वह 8-9 दिन तक सो भी नहीं पाए थे। इस दौरान उन्होंने मैच भी खेले। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, मेरे परिवार के लगभग सभी सदस्य प्रभावित हुए थे। वास्तव में मेरे कई चचेरे भाई भी भर्ती हुए और गंभीर थे। वे किसी तरह ठीक हो गए।
उन्होंने कहा, 'मैं लगभग आठ-नौ दिन के लिए सो नहीं पाया था। मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए यह मेरे लिए वास्तव में तनावपूर्ण था। मैं अच्छी नींद नहीं लेने के बावजूद मैचों में खेल रहा था। ऐसा करना काफी मुश्किल था और इसलिए मुझे आईपीएल छोड़ना पड़ा और घर चला गया।' अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'असल में जिस समय मैंने टूर्नामेंट बीच में छोड़ा था तब सोच रहा था कि क्या मैं फिर से क्रिकेट खेल पाऊंगा। लेकिन मैंने तब वही किया जो उस समय जरूरी था। उन्होंने कहा कि जब परिवार के सदस्य ठीक होने लगे तो वह वापसी की सोच रहे थे लेकिन टी-20 लीग स्थगित हो गई। बता दें कि बायो बबल में वायरस के कई मामले पाए जाने के बाद आईपीएल को बाद में स्थगित कर दिया गया था।
मुंबई में चल रहे 14 दिन के वर्तमान पृथकवास के बारे में बात करते हुए अश्विन ने सुरक्षित वातावरण में भारतीय खिलाड़ियों की जिंदगी की झलक पेश की। उन्होंने कहा, 'यह वास्तव में मुश्किल है। बाहर से देखने से लग रहा है कि हम आलीशान पांच सितारा होटल में ठहरे हैं, लेकिन यह आसान नहीं है। जैसे कि मैंने पहले कहा था कि यह सात दिन का नहीं 14 दिन का पृथकवास है।' अश्विन ने कहा, 'इसलिए असल में हम यहां 19 मई को पहुंच गए लेकिन हमें मुंबई से दो जून को इंग्लैंड के लिये रवाना होना है। इस तरह से हमें भारत में 14 दिन का पृथकवास पूरा करना है। यही नहीं हमारा यहां हर दो दिन में एक बार परीक्षण हो रहा है।' अश्विन ने इसके साथ ही कहा कि बायो बबल के उल्लंघन का मतलब किसी बाहरी का जैव सुरक्षित वातावरण में प्रवेश करना है।
उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ी दिक्कत पृथकवास के दौरान समय बिताने की है। यदि हमारी नींद जल्दी खुल जाती है तो यह वास्तव में हमारे लिये लंबा दिन होगा। हम कमरे में क्या करेंगे। हम थोड़ा देर से जागने की कोशिश कर रहे हैं। मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आया हूं। हमने (मैंने और पत्नी) एक समय का भोजन छोड़ने का फैसला किया है क्योंकि हम कोई काम कर ही नहीं रहे हैं। '