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#MeToo मामले में राहुल जौहरी पर लगे आरोपों की होगी जांच, सीओए ने समिति गठित की

Fri, 26 Oct 2018 10:58 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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राहुल जौहरी - फोटो : pti
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बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए प्रशासकों की समिति (सीओए) ने गुरुवार को तीन सदस्यीय पैनल गठित की। मगर चेयरमैन विनोद राय चाहते हैं कि जौहरी को बर्खास्त किया जाए, जिसकी मांग उनके साथी सीओए सदस्य ने भी की। 

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राय की अध्यक्षता वाली सीओए की सदस्य पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान डायना इडुल्जी ने कहा कि जौहरी ने कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद अपना जवाब जमा करा दिया है। बता दें कि जौहरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक बेनाम अकाउंट से घटना की पूरी जानकारी दी गई और आरोप लगाए।

सीओए ने तीन सदस्यीय समिति का गठन गुरुवार को किया, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज राकेश शर्मा, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन बरखा सिंह और सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर पीसी शर्मा शामिल हैं। जस्टिस शर्मा को समिति का चेयरमैन बनाया गया है। समिति को पैनल ने अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर सौंपने को कहा था। इस पर जौहरी ने 20 अक्टूबर को अपना जवाब सौंपते हुए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। 
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प्रशासकों ने अपने बयान में कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने सीओए का गठन मामले की जांच के लिए किया है। इस मामले में एक स्वतंत्र समिति बीसीसीआई में काम करने के दौरान जौहरी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी।' बता दें कि गोवा, गुजरात, तमिलनाडु, सौराष्ट्र और मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन सहित कुल सात राज्य इकाइयों ने सीओए को पत्र लिखकर राहुल जौहरी के इस्तीफे की मांग की है।

गौरतलब है कि लेखक हरनिध कौर ने एक अज्ञात पीड़ित के आरोपों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिन्होंने डिस्कवरी चैनल पर जौहरी की पूर्व साथी होने का दावा किया है। जौहरी ने 2001 से 2016 तक इस चैनल के साथ विभिन्न पदों पर काम किया, इसके बाद वह बीसीसीआई के सीईओ बने।

कौर की ट्वीट ने स्क्रीनशाट भी थे और इसमें कथित घटना को विस्तार से बताया गया। 

इसके अनुसार, 'कई आला अधिकारियों के खिलाफ मीडिया में ईमेल भेजे गए हैं। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त सीओए ने जौहरी से स्पष्टीकरण मांगा था।


इस पोस्ट में कहा गया था, 'ये आरोप बीसीसीआई में उनके कार्यकाल के दौरान से संबंधित नहीं है, पर बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति को यह उचित लगा कि उनसे इन आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाए।'

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