इस शोध के लेखकों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन बल्लेबाजों और विकेटकीपर के खेल को प्रभावित कर रहा है और उनका प्रदर्शन खराब हो रहा है। पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी में शरीर विज्ञान के प्रफेसर और इस शोध के लेखकों में शामिल माइक टिपटोन ने कहा, 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान होने पर शरीर खुद को ठंडा करना बंद कर देता है।
बल्लेबाजों और विकेटकीपर के लिए यह मुश्किल स्थिति होती है। बचाव उपकरण के कारण पसीना निकलने का भी असर सीमित हो जाता है।