चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 टूर्नामेंट अब अपने आखिरी चरण में है। बृहस्पतिवार से टूर्नामेंट में सेमीफाइनल मुकाबले शुरू हो जाएंगे और पहला मैच दिल्ली डेयरडेविल्स और दक्षिण अफ्रीका की घरेलू टीम हाइवेल्ड लायंस के बीच खेला जाएगा। दिल्ली सेमीफाइनल राउंड में पहुंचने वाली एकमात्र आईपीएल टीम है। इस लिहाज से पूरे भारत की उम्मीदों का भार दिल्ली पर ही टिका होगा।
दिल्ली ने ग्रुप चरण में दो मैचों में शानदार जीत दर्ज की जबकि उसके खाते के दो मैच बारिश की भेंट चढ़ गए थे। दिल्ली जीत के इस सिलसिले को नॉकआउट दौर में भी बरकरार रखना चाहेगी। दूसरी तरफ लायंस के खाते में दिल्ली के मुकाबले एक जीत ज्यादा है लेकिन उसे एक मैच में हार भी मिली है। यह हार उसे ग्रुप ‘बी’ की शीर्ष टीम सिडनी सिक्सर्स से मिली है। घरेलू मैदान होने के नाते लायंस के खिलाड़ी परिस्थितियों से भलीभांति वाकिफ होंगे। इस तरह लायंस को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल रहेगी।
टूर्नामेंट में अब तक का प्रदर्शन देखें तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में लायंस के खिलाड़ियों के मुकाबले ज्यादा अच्छा रहा है। दिल्ली का सारा दारोमदार उसके तेज गेंदबाजों मोर्ने मोर्कल, इरफान पठान, उमेश यादव और अजित अगरकर पर रहेगा। बल्लेबाजी में दिल्ली के पास कप्तान महेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग, केविन पीटरसन और रोस टेलर जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं।
अब निर्णायक मौके पर इन बल्लेबाजों को एक बार फिर अपना हुनर दिखाना होगा। वहीं, लायंस के पास नील मैकेंजी, गुलाम बोदी और क्यू डी कॉक जैसे दिग्गज बल्लेबाज हैं जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तहलका मचा रखा है। दिल्ली के गेंदबाजों के सामने इन्हें थामने की कड़ी चुनौती रहेगी। गेंदबाजी में आरोन फैंगिसो और पाकिस्तान के सोहेल तनवीर और डर्क नेंस जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदलने में सक्षम हैं।