ऑस्ट्रेलियाई टीम से बर्खास्त कोच मिकी आर्थर ने यह दावा कर सबको चौंका दिया कि कप्तान माइकल क्लार्क टीम के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन को टीम का 'कैंसर' मानते थे। साथ ही उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) से भारी मुआवजे की मांग की है।
आर्थर का कहना है कि कंगारू कप्तान क्लार्क ने ऑलराउंडर शेन वॉटसन और उनके गुट को राष्ट्रीय टीम के लिए 'कैंसर' करार दिया था।
दक्षिण अफ्रीकी मूल के आर्थर इस पूर्व कोच का दावा है कि कप्तान क्लार्क टीम में पूरी तरह से अनुशासन कायम रखना चाहते थे लेकिन वॉटसन ने ऐसा नहीं किया।
एक ऑस्ट्रेलियाई चैनल के अनुसार, आर्थर ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा था। आर्थर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कंगारू टीम इंग्लैंड में पहला एशेज मैच गंवा चुकी है।
आर्थर की उस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए चैनल का कहना है कि क्लार्क और वॉटसन के बीच जबर्दस्त तनातनी थी।
रंगभेद का भी लगाया आरोप
इसके अलावा आर्थर ने सीए में रंगभेद करने का भी आरोप लगाया है। आर्थर का यह भी मानना है कि उन्हें इसलिए भी बर्खास्त किया गया, क्योंकि वह दक्षिण अफ्रीकी हैं और ऑस्ट्रेलियाई तौर-तरीकों को समझ नहीं सके।
साथ ही आर्थर ने सीए से लगभग 22 करोड़ रुपए (4 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) मुआवजा देने की मांग की है।
सीए ने समयपूर्व तोड़ा करार
आर्थर का ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ बतौर कोच जून 2015 तक का अनुबंध था, लेकिन समय पूर्व ही उन्हें हटा दिया गया।
आर्थर सालाना चार लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमाने के अलावा दो लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 11 करोड़ रुपये) सालाना बोनस भी पाते थे।
आर्थर ने कहा कि उन्हें करीब चार मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है और अब इसकी भरपाई सीए को करनी होगी।