चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। 19 फरवरी से इस टूर्नामेंट का आगाज होगा जबकि 16 या 17 फरवरी को उद्घाटन समारोह हो सकता है। इस बीच एक खबर सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि रोहित शर्मा प्रेस कॉन्फ्रेंस और फोटोशूट के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे। वह उद्घाटन समारोह में भी भाग नहीं लेंगे।
भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगा
पाकिस्तान इस टूर्नामेंट का आधिकारिक मेजबान है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पहले जाने ने सुरक्षा कारणों से भारतीय टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार किया था। इसके बाद टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में कराने का फैसला लिया गया। भारत अपने सभी मुकाबले दुबई में खेलेगा जबकि सभी टीमें अपने मैच पाकिस्तान में ही खेलेंगी।
रिपोर्ट में बड़ा दावा
टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने आईसीसी से अनुरोध किया है कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले होने वाले दोनों कार्यक्रम को पाकिस्तान से दुबई में शिफ्ट किया जाए। सूत्र ने कहा- 'आईसीसी ने पहले ही भारत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है कि वह अपने मुकाबले पाकिस्तान में न कराए, इसलिए ये सब अब मामूली मुद्दे हैं।'
'क्रिकेट में राजनीति ला रहा बीसीसीआई'
इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय टीम की जर्सी पर टूर्नामेंट के मेजबान पाकिस्तान का नाम नहीं होगा। आईएएनएस की एक रिपोर्ट पाकिस्तान के एक अधिकारी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर क्रिकेट में राजनीति लाने का आरोप लगाया है। पीसीबी के अधिकारी ने नाम नहीं लेने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि 'बीसीसीआई क्रिकेट में राजनीति ला रहा है। उन्होंने पाकिस्तान जाने से इनकार किया। अपने कप्तान को उद्घाटन समारोह के लिए पाकिस्तान नहीं भेजने पर मंजूरी दी। अब ऐसी खबरें हैं कि ये मेजबान देश का नाम अपनी जर्सी पर भी नहीं छपवाना चाहते हैं। हमें यकीन है कि आईसीसी ऐसा नहीं होने देगा और हमानी पूरी मदद करेगा।'
बीसीसीआई और पीसीबी के रिश्ते तनावपूर्ण
पिछले कुछ महीने बीसीसीआई और पीसीबी के बीच काफी तनावपूर्ण रहे हैं। खासकर भारतीय बोर्ड द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार करने के बाद से तो माहौल और बिगड़ा है। पाकिस्तान लगातार गीदड़भभकी दे रहा था, लेकिन आईसीसी के सामने उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी। अंत में, इस मामले पर एक समझौता हुआ हालांकि बीसीसीआई को निकट भविष्य में इसके लिए भारी कीमत भी चुकानी पड़ सकती है। समझौते के तौर पर बीसीसीआई द्वारा टीम नहीं भेजे जाने के बाद अब पाकिस्तान 2027 तक भारत की मेजबानी में होने वाले सभी आईसीसी टूर्नामेंट्स के मुकाबले किसी तटस्थ स्थान पर खेलेगा।