भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से 14 महीने बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करेंगे। माना जा रहा है कि शमी कोलकाता में होने वाले पहले टी20 मैच के लिए प्लेइंग-11 का हिस्सा होंगे। वापसी के दौरान शमी के पास कपिल देव की विशेष सूची में शामिल होने का मौका रहेगा। ईडेन गार्डेंस पर दोनों टीमों के बीच बुधवार शाम मुकाबला खेला जाएगा।
शमी के पास 450 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे करने का मौका
शमी अगर इंग्लैंड के खिलाफ मैच में दो विकेट लेने में सफल रहे तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 450 विकेट पूरे कर लेंगे। शमी ऐसा करने वाले चौथे भारतीय तेज गेंदबाज होंगे। भारतीय तेज गेंदबाजों में अबतक कपिल देव (687), जहीर खान (597) और जवागल श्रीनाथ (551) यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। वहीं, स्पिनरों में अनिल कुंबले (953), रविचंद्रन अश्विन (765), हरभजन सिंह (707) और रवींद्र जडेजा ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 450 या इससे अधिक विकेट ले चुके हैं। शमी के फिलहाल 188 मैचों में 448 विकेट हैं। यानी दो विकेट लेते ही वह इन दिग्गज भारतीय गेंदबाजों की इस सूची में शामिल हो जाएंगे।
वनडे विश्व कप फाइनल के बाद से नहीं खेले कोई अंतरराष्ट्रीय मैच
शमी 2023 में वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद से अबतक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हैं। शमी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप फाइनल हारने के बाद टखने की चोट के कारण राष्ट्रीय टीम से बाहर होना पड़ा था। उन्हें इसकी सर्जरी करानी पड़ी। इसके बाद जब वह राष्ट्रीय टीम में वापसी करने के करीब थे तभी उनके बाएं घुटने में सूजन आ गई थी। शमी इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के अलावा चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
शमी को रिहैब के दौरान लग रहा था डर
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने खुलासा किया है कि चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद जब उन्होंने रिहैबिलिटेशन शुरू किया तो वह डर की भावना से घिर गए थे, लेकिन राष्ट्रीय टीम में वापसी करने की दृढ़ इच्छाशक्ति से वह उस चरण से उबरने में कामयाब रहे। शमी ने बीसीसीआई द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, 'मैंने पूरे एक साल तक इंतजार किया और (पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए) बहुत मेहनत की। रिहैबिलिटेशन के दौरान दौड़ते समय भी चोटिल होने का डर था।'