चैंपियंस ट्रॉफी का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा मेजबान पाकिस्तान के बाहर होने की हो रही है। इससे वहां के फैंस के साथ-साथ पूर्व क्रिकेटर्स भी नाराज हैं। भारत के पूर्व क्रिकेटर्स की तरफ से भी काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी कड़ी में युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी थी। योगराज ने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स पर अपनी टीम की मदद नहीं करने को लेकर सवाल खड़े किए थे। इस पर अब वसीम अकरम का जवाब आया है।
योगराज ने वसीम अकरम से पूछा था सवाल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के वसीम अकरम, शोएब अख्तर और अन्य पूर्व क्रिकेटरों से हमेशा पर्दे के पीछे रहने और अपने खिलाड़ियों की मदद न करने के बारे में सवाल पूछा था। इसके बाद डीपी वर्ल्ड 'ड्रेसिंग रूम' पर एक चर्चा के दौरान वसीम अकरम से यही सवाल पूछा गया था। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह तो तैयार हैं, लेकिन यहां पर किसी का भविष्य तय नहीं है और फैंस एक दो मैच में कुछ गलत होने पर अपशब्द कहते हैं। वैश्विक क्रिकेट जगत में सबसे सम्मानित नामों में से एक अकरम ने वकार यूनिस का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान के महान खिलाड़ी जब राष्ट्रीय टीम के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार होता है।
अकरम ने वकार का उदाहरण दिया
अकरम ने कहा, 'लोग अभी भी या तो मेरी आलोचना करते हैं या मुझे कहते हैं कि वह सिर्फ बात करता है और कुछ नहीं। जब मैं पाकिस्तान के कोचों को देखता हूं, मैं वकार को देखता हूं, जिन्हें कोच बनने के बाद कई बार बर्खास्त किया गया है और अब वह इस स्थिति में हैं। आप लोग बदतमीजी करते हैं। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।'
मुफ्त में मदद करने को तैयार हैं वसीम अकरम
इससे पहले योगराज सिंह ने कहा था कि वसीम अकरम और शोएब अख्तर जैसे खिलाड़ी कोचिंग शिविरों में उनकी मदद करने के बजाय शो में बैठकर पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बारे में बुरी बातें कहना पसंद करते हैं। अकरम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वह टीम की मुफ्त में मदद करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह नकारात्मक बातचीत को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। 58 साल की उम्र में वह इस तरह के तनाव से दूर रहना चाहते हैं।
'58 साल की उम्र में तनावपूर्ण जीवन नहीं जीना चाहता'
अकरम ने कहा, 'मैं पाकिस्तान क्रिकेट की मदद करना चाहता हूं। मैं मुफ्त उपलब्ध हूं। यदि आप एक शिविर आयोजित करते हैं और चाहते हैं कि मैं वहां रहूं, तो मैं करूंगा। अगर आप चाहते हैं कि मैं बड़े टूर्नामेंट से पहले क्रिकेटरों के साथ समय बिताऊं तो मैं ऐसा करूंगा। लेकिन मैं 58 साल का हूं और इस उम्र में मैं ऐसी बेइज्जती नहीं सहने वाला हूं जो आप लोग करते हैं। मैं इस उम्र में तनावपूर्ण जीवन नहीं जी सकता।'