सीबीआई सूत्रों ने बताया कि सट्टेबाजी के इस काम के लिए कई बैंक खाते खोले गए। इसमें नकली पहचान पत्र, केवाईसी संबंधी फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया गया है। एजेंसी इससे जुड़े बैंक अधिकारियों की जांच भी कर रही है। सीबीआई ने पाया कि दिलीप कई ऐसे खातों का संचालन कर रहा था जिसमें 2013 से 43 लाख रुपये से अधिक जमा हुए। वहीं गुर्रम सतीश जिन खातों का संचालन करता था उनमें 2012-20 के बीच 4.55 करोड़ रुपये घरेलू स्रोतों से जबकि 3.05 लाख विदेशी स्रोत से जमा हुए। वहीं गुर्रम बासु द्वारा संचालित खातों में इसी अवधि में 5.37 करोड़ रुपये रुपये जमा हुए। इन सभी के पास ऐसा कोई कारोबार नहीं है जिसके द्वारा इतने पैसे का लेन-देन हो सके।