सहवाग ने कहा- ऋतुराज महाराष्ट्र की टीम के कप्तान हैं। वह शांत चित्त स्वभाव के हैं और यही उनके खेल में भी दिखता है। शतक लगाने पर या शून्य पर आउट होने पर ऋतुराज का स्वभाव एक जैसा होता है। उनके चेहरे को देखकर नहीं लगता कि वह शतक जड़ने के बाद बहुत खुश हैं या शून्य पर आउट होने के बाद बहुत दुखी हैं। ऋतुराज के पास संयम है और वह शांत दिमाग से खेलता है। यह एक कप्तान के लक्षण हैं, जो ऋतुराज में दिखते हैं।
सहवाग ने कहा- ऋतुराज फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने टीम की अगुवाई कर रहे हैं और उसे इस बात की समझ है कि मैच को कैसे आगे बढ़ाना है। उसे इस बात का पता है कि किस गेंदबाज को कब गेंद थमानी है और किस बल्लेबाज को जरूरत पड़ने पर कब मैदान में उतारा जा सकता है। ऋतुराज घरेलू क्रिकेट में ये सारी जिम्मेदारी उठा रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि वह बेहतर कप्तान बन सकते हैं।
ऋतुराज और धोनी
सहवाग ने कहा- धोनी इसलिए एक अच्छे कप्तान माने जाते हैं क्योंकि वह मैदान में शांत रहते हैं। किस गेंदबाज को गेंदबाजी देनी है और किस बल्लेबाज को खेलने भेजना है, यह धोनी से बेहतर किसी को नहीं पता है। किस्मत भी उसी का साथ देती है, जो निडर होते हैं और निडरता के साथ फैसले लेते हैं। धोनी को हम सबने देखा है कि वह फैसला लेने से डरते नहीं हैं। मुझे यही सब खूबियां ऋतुराज में भी दिखती हैं।
चेन्नई की टीम इस सीजन अब तक 12 में से सिर्फ चार मैच ही जीत पाई है। आठ मैचों में सीएसके को हार का सामना करना पड़ा है। चेन्नई के फिलहाल आठ अंक हैं। टीम मुंबई के बाद प्लेऑफ से बाहर होने वाली पहली टीम बनी। यह 15 साल के आईपीएल इतिहास में पहली बार है जब मुंबई और चेन्नई की टीम एकसाथ प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई है। वहीं, ओवरऑल चेन्नई सिर्फ दूसरी बार प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी। इससे पहले 2020 में भी टीम अंतिम चार में जगह बनाने में नाकाम रही थी।