खेल पंचाट यानि कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (सीएएस) ने बल्लेबाज उमर अकमल के प्रतिबंध के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की दुबई में सुनवाई करने की याचिका खारिज कर दी। पीसीबी ने इस साल की शुरुआत में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में उमर पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया था।
पीसीबी ने खेल पंचाट का दरवाजा खटखटाया था
उमर अकमल के तीन साल के प्रतिबंध को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) फकीर मुहम्मद खोखर ने स्वतंत्र न्यायाधीश की हैसियत से घटाकर 18 महीने कर दिया था। पीसीबी ने इसके बाद उमर की सजा को बरकरार रखने के लिए सीएएस यानी खेल पंचाट का दरवाजा खटखटाया जबकि इस बल्लेबाज ने प्रतिबंध पूरी तरह से हटाने के लिये याचिका दायर की है।
वीडियो लिंक के माध्यम से सुनवाई करने की मांग
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि पीसीबी ने खर्च को कम करने की दलील के साथ दुबई में सुनवाई करने की याचिका दी थी, लेकिन सीएएस ने उसे खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि पीसीबी ने अब इस मामले की वीडियो लिंक के माध्यम से सुनवाई करने की मांग की है जिस पर अभी सीएएस का जवाब नहीं आया है।
उमर अकमल की कानूनी टीम वीडियो लिंक के माध्यम से सुनवाई नहीं चाहती
सूत्र ने बताया, 'उमर अकमल की कानूनी टीम वीडियो लिंक के माध्यम से सुनवाई नहीं चाहती है। ऐसे में इस बात की संभावना अधिक है कि सीएएस पीसीबी के इस अनुरोध को भी अस्वीकार कर देगा।' सीएएस के नियमों के मुताबिक इसके लिए दोनों पक्षों का तैयार होना जरूरी है।
सीएएस ने 20 दिन के अंदर लिखित दलीलें पेश करने के लिए कहा था
इससे पहले सीएएस ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और उमर अकमल को 20 दिन के अंदर लिखित दलीलें पेश करने के लिए कहा था। 30 साल के उमर विकेटकीपर कामरान अकमल के भाई है। उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद पाकिस्तान के लिए 16 टेस्ट, 121 एकदिवसीय और 84 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।