इंडियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम
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डेविड ने कहा कि इस टीम ने 2014 और 2018 में वर्ल्ड कप जीता और साथ ही दो बार टी 20 वर्ल्ड कप भी जीत चुकी है। इसके अलावा दो बार एशिया कप भी जीती है। लेकिन दुर्भायवश इतनी सफलता के बावजूद भी खिलाड़ियों को देश में कोई नहीं जानता है। उन्हें उतना मान-सम्मान नहीं मिला, जिसके ये हकदार हैं।
भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम
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खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति भी खराब है, कुछ खिलाड़ी तो बेरोजगार हैं और क्रिकेट से उन्हें इतना पैसा नहीं मिल रहा है कि वह अपना घर चला सकें। इस परेशानी के चलते जॉन डेविड ने
बीसीसीआई को सुझाव दिया है कि इन खिलाड़ियों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना आवश्यक है। सीएबीआई के सेक्रेटरी जॉन डेविड ने खिलाड़ियों को आधारभूत सुविधा प्रदान करने की भी मांग की।
2015 में भारतीय कोच
रवि शास्त्री ने जब आंखों पर पट्टी लगा कर गेंदबाजी की थी और उनका कहना था कि अगर में एक पल के लिए भी अपनी आंखे बंद कर लू तो मुझे नहीं पता चलेगा कि मैं कहा हूं, यह इतना आसान नहीं है जितना यह दिखता है। वहीं, एक डेमो मैच में
रवींद्र जडेजा गेंद को ढूंढते ढूंढते रेंगने लगे और
रोहित शर्मा भी खेलने में संघर्ष कर रहे थे।