वहीं हार का दूसरा कारण बताते हुए धवन ने कहा, 'डेविड मिलर को जीवनदान देना भारत को भारी पड़ा। मिलर को दो बार जीवनदान मिला। एक बार डीप में श्रेयस अय्यर से उनका कैच छूटा, तो दूसरी बार युजवेंद्र चहल की नो बॉल पर वह क्लीन बोल्ड हुए। उस वक्त मिलर क्रमश: छह और सात रन बनाकर खेल रहे थे। जीवनदान का फायदा उठाते हुए मिलर ने 28 गेंद में 39 रन जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
इससे पहले
शिखर धवन ने 109 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने कप्तान
विराट कोहली के साथ मिलकर 158 रन की लाजवाब साझेदारी की। हालांकि शुरुआत में टीम इंडिया का स्कोर करीब 325 तक पहुंचने के आसार लग रहे थे, लेकिन खराब रोशनी की वजह से टीम को बाद में बल्लेबाजी करने में काफी परेशानी हुई। इसके बाद टीम इंडिया 50 ओवर में 289 रन का लक्ष्य ही द. अफ्रीका के आगे रख सकी।