टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली के खिलाफ घर में ही बगावती सुर बुलंद हो रहे हैं। नौबत यहां तक आ चुकी है कि उनसे अध्यक्ष पद छोड़ने की मांग तक होने लगी है। यह विवाद लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने की वजह से उभरा है।
लोढ़ा समिति की सिफारिशों को कैब में लागू करने के क्रम में संघ के संयुक्त सचिव सुबीर गांगुली को कूलिंग ऑफ पर जाने के लिए कहा गया। इसके जवाब में उन्होंने कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली को पत्र लिखकर कहा कि यदि उन्हें लोढा समिति की अनुशंसाओं का हवाला देकर 'कूलिंग ऑफ' पर जाने के लिए बाध्य किया जाता है तो ये नियम उनपर भी लागू होते हैं।
सौरव गांगुली को तीन पेज के लिखे पत्र में सुबीर ने कहा, अगर आप मुझे संयुक्त सचिव पद पर बने रहने के लिए अमान्य करार देते हैं तो लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार आप भी अपने पद पर नहीं बने रह सकते। इसके अनुसार कूलिंग ऑफ का तीन साल का समय आपके खिलाफ भी लागू होगा। आपको भी तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ना होगा।
सुबीर कैब के पुराने और अनुभवी सदस्य हैं। वह आईपीएल संचालन परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। वह कैब के पूर्व कोषाध्यक्ष बिस्वरूप डे के साथ कैब में सौरव गांगुली के विरोधी ग्रुप का हिस्सा हैं।
लोढ़ा समिति ने अपनी अनुशंसा में किसी भी सदस्य के दो बार पद पर आसीन होने के लिए तीन साल के 'कूलिंग ऑफ' पीरियड की अनुशंसा की है। यानी कोई भी सदस्य लगातार दो बार पद पर आसीन नहीं हो सकता।
अब देखना होगा कि कैब में उफना यह नया विवाद क्या रंग लेगा। हालांकि सौरव गांगुली के लिए इस विवाद की वजह से उपजे मुश्किल हालात से बाहर निकलना आसान भी नहीं होगा।