भारत के लिए शुरुआती तीन टेस्ट में छह गेंदबाजों रविचंद्रन अश्विन (134.1 ओवर), जसप्रीत बुमराह (117.4 ओवर) रविंद्र जडेजा (37.3 ओवर), उमेश यादव (39.4 ओवर) नवदीप सैनी (29 ओवर) और मोहम्मद सिराज (86 ओवर) ने 442 ओवर की गेंदबाजी की है और इसमें से पांच गेंदबाज चोटिल हो गए।
फिटनेस के कारण चोटिल होने वाले में उमेश यादव दो टेस्ट की चार पारियों में पूरी गेंदबाजी नहीं कर सके तो वही सैनी एक टेस्ट और एक सत्र में 36.5 ओवर की गेंदबाजी कर चोटिल हो गये। अश्विन के पीठ में भी श्रृंखला के तीसरे मैच के दौरान जकड़न हो गई, जिससे वह चौथे टेस्ट से बाहर हो गए।
फिटनेस समस्या के कारण टीम से बाहर होने वालों की सूची में हनुमा विहारी का नाम भी शामिल हो गया। उन्होंने सिडनी में 161 गेंद की पारी के अलावा मौजूदा दौरे पर कोई और बड़ी पारी नहीं खेली हैं। ऐसे में टीम के सीनियर फिजियो नितिन पटेल और उनके जूनियर योगश परमार के साथ स्ट्रेंथ एवं कंडिशनिंग कोच निक वेब और शुम देसाई को कुछ कड़े सवालों के जवाब देने पड़ सकते हैं।
भारतीय टीम के साथ काम कर चुके एक सीनियर फिजियो ने गोपनीयता की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'कोई भी शमी, बुमराह या जडेजा की चोट के बारे में नहीं पूछ रहा क्योंकि वह ट्रॉमा से जुड़ा हुआ है। लेकिन उमेश यादव ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी कुछ ही मैच खेले या नवदीप सैनी ने पहले दो एकदिवसीय मैच के बाद 40 ओवर की गेंदबाजी भी नहीं की।'
उधर, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने कहा कि भारतीयों के जज्बे पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है लेकिन उसे इतने अधिक खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारणों का पता लगाना चाहिए, जिससे चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दौरान उसे परेशानी में डाला।
गिलक्रिस्ट ने फॉक्सस्पोर्ट्स से कहा, 'उन्हें इस दौरे में जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वह उल्लेखनीय है. उन्हें यह पता करना चाहिए कि इतने अधिक खिलाड़ी चोटिल क्यों हुए। उन्होंने कहा, 'उन्हें ऑस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण के कारण चोटें नहीं लगी बल्कि मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा. उन्हें यह पता करना होगा कि ऐसा क्यों हुआ और ये उनके नियंत्रण में थी या नहीं।'