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BCCI ने ICC से ली सीधी टक्कर, 'मनोहर का मॉडल' किया खारिज

Mon, 20 Mar 2017 12:04 PM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
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बीसीसीआई - फोटो : getty
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई एक के बाद एक विवाद में शामिल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासन समिति (सीओए) के ने बोर्ड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन को 11 पन्नों का खत लिखकर उसके प्रस्तावित वित्तीय मॉडल और संवैधानिक सुधारों को अस्वीकार कर दिया है।
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अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने आईसीसी को याद दिलाया है कि वो एमपीए (मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट) में दिए गए अधिकारों का प्रयोग कर सकता है। बीसीसीआई का फैसला सभी को मालूम था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रसशान समिति के सदस्य विक्रम लिमाय ने अपने पत्र में आईसीसी को कहा है कि वो एमपीए का सम्मान करे।

खास: क्या है आईसीसी का प्रस्ताव

यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की सूची में शामिल है और सोमवार को इस पर सुनवाई होनी है। सीओए ने साफ कर दिया है कि वो भारत के वित्तीय एकाधिकारों की पूरी रक्षा करेगी।
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पूर्व आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर का है 'मॉडल'

शशांक मनोहर - फोटो : getty
साथ ही, यदि आईसीसी एमपीए का उल्लंघन करता है, तो बीसीसीआई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। एमपीए में कहा गया है कि जो देश 2015 से 2023 के बीच आईसीसी टूर्नामेंट्स का हिस्सा बनेंगे, उन्हें कुछ फायदे मिलेंगे। गौरतलब है कि भारत को बांग्लादेश, श्रीलंका और जिंबाब्वे का समर्थन प्राप्त है।

इस खत में लिखा गया है, "यदि आईसीसी का नया संवैधानिक और वित्तीय मॉडल लागू किया जाता है, तो हम एमपीए के अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं और कानूनी सहायता भी ली जा सकती है। हमे विश्वास है कि आईसीसी इस पर एमपीए के अनुसार पुनर्विचार करेगा, ताकि हमें अपने अधिकारों का इस्तेमाल न करने पड़े। कृप्या आईसीसी तक हमारा पक्ष पहुंचा दिया जाए।"

लिमाय ने फरवरी में बोर्ड की पहली मीटिंग के बाद कहा कि आईसीसी ने समातना से राजस्व के वितरण के लिए प्रयोग किए जाने वाले मॉडल के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी। कई लोगों का मानना है कि आईसीसी का यह प्रस्ताव पूर्व चेयरमैन शंशाक मनोहर की कोशिश है, जिससे भारतीय बोर्ड की दबदबा कम किया जा सकता है। यह फैसला अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को हटाने के बाद लिया गया था।
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