क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार ने बीसीसीआई से बिहार में एडहॉक कमेटी गठित करने की मांग की है। सीएबी के सचिव आदित्य वर्मा का कहना है कि एडहॉक कमेटी गठित होने के बाद ही बिहार के रणजी ट्राफी में खेलने का रास्ता सही मायनों में साबित होगा। जिस तरह राजस्थान में बोर्ड ने एडहॉक कमेटी गठित कर क्रिकेट को सुचारु किया है।
उसी तरह की कमेटी बिहार में भी गठित की जाए। वर्मा ने उनकी इस मांग को नजरअंदाज करने के लिए सीओए चेयरमैन विनोद राय की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। वर्मा का कहना है सुप्रीम कोर्ट के तीसरे आदेश के बाद ही बिहार के रणजी ट्राफी में खेलने का रास्ता साफ हुआ है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश जरूर आ गया है, लेकिन जब बिहार के रणजी मैच की पहली गेंद नहीं फेंक ली जाती है तब तक उन्हें अपने राज्य का क्रिकेट की मुख्य धारा में लौटने पर भरोसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अभी काफी बाधाएं सामने खड़ी हैं। सीओए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर भरोसा करने लगे हैं, जबकि यह संघ ही भंग हो चुका है। उन्होंने सीओए को सच्चाई से अवगत भी कराया था लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इन विवादों से बचने का एकमात्र रास्ता एडहॉक कमेटी गठित करना है।