क्रिकेट जगत में यूं तो ढेरों रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं। एक समय था कि जब वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की मैदान पर तूती बोलती थी फिर ऑस्ट्रेलिया का जमाना आया। इन दोनों शक्तिशाली टीमों के आगे विपक्षी टीम संघर्ष करती नजर आती थी। विपक्षी टीम अगर मैच ड्रॉ भी करा ले तो उसे जीत के बराबर समझा जाता था।
बावजूद इसके कि क्रिकेट में एक जीत ऐसी भी है जिसे हजम कर पाना किसी भी क्रिकेट प्रशंसक के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि बड़ी जीत का रिकॉर्ड इन दोनों टीमों के नाम दर्ज नहीं है।
हम यहां बात कर रहे हैं कि उस जीत के बारे में जिसमें एक टीम ने विपक्षी टीम को दोनों पारियों को मिलाकर 100 रन भी नहीं बनाने दिए और मैच को एक पारी और 851 रनों से जीत लिया। क्रिकेट की इस सबसे बड़ी जीत का मुकाबला हुआ पाकिस्तान में।
पाकिस्तान में अयूब ट्रॉफी टूर्नामेंट के एक मुकाबले में पाकिस्तान रेलवेज ने डेरा इस्माइल खान टीम को बेहद एकतरफा मुकाबले में अब तक की सबसे करारी हार दी। पाकिस्तान रेलवेज की ओर से 4 बल्लेबाजों ने शतक लगाए, जिसमें परवेज अख्तर ने सर्वाधिक 337 रनों की अविजित पारी खेली।
रेलवेज की ओर से हुई दो दोहरी शतकीय साझेदारियां
पाकिस्तान में अयूब ट्रॉफी टूर्नामेंट के एक मुकाबले में पाकिस्तान रेलवेज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेरा इस्माइल खान टीम के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 910 रनों (पारी घोषित) का पहाड़नुमा स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान रेलवेज ने इस विशालकाय स्कोर को 3 दिनों में बनाया था और इसके लिए सिर्फ 172 ओवर ही खेले।
इस टीम ने पहले दिन 2 विकेट पर 415 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक जावेद बाबर 195 और परवेज अख्तर 63 रनों पर खेल रहे थे। इससे पहले टीम का पहला विकेट महज 44 रन पर गिर गया था। जबकि दूसरा विकेट ओपनर एजाज हुसैन के रूप में गिरा जिन्होंने 124 रनों की शतकीय पारी खेली।
दूसरे दिन का खेल शुरू होने पर जावेद बाबर ने 5 रन और बनाते हुए अपना दोहरा शतक ठोक दिया लेकिन 200 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए। दूसरी ओर, परवेज अख्तर ने अपना विकेट संभाले रखा और तिहरा शतक ठोक दिया। वह पारी घोषित किए जाने के समय 337 रन पर नाबाद थे। टीम ने दूसरे दिन 410 रन बनाए और 4 विकेट गंवाए।
परवेज अख्तर ने सातवें विकेट के लिए मोहम्मद शरीफ के साथ अविजित 248 रनों की साझेदारी कर डाली। शरीफ 106 रन बनाकर नाबाद लौटे। रेलवेज की इस पारी में कुल 2 बार दोहरी शतकीय साझेदारी हुई। पाकिस्तान रेलवेज ने खेल के तीसरे दिन अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 910 रन पर घोषित कर दी।
दोनों पारियों में 60 रन भी नहीं बना सकी टीम
जाहिर है कि किसी भी टीम के लिए 900 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं होगा। डेरा इस्माइल खान की टीम के बल्लेबाज क्रीज पर उतरे तो उनके हाथ-पांच फूले हुए थे। इसका खमियाजा टीम को भुगतना पड़ा और शुरुआती 2 विकेट खाता खोले बगैर ही गिर गए।
तेज गेंदबाज अशद खान ने विपक्षी टीम की मनोदशा को समझते हुए ऐसी कातिलाना गेंदबाजी की कि विपक्षी टीम को इस गेंदबाज का सामना करते नहीं बना और पूरी टीम महज 15.3 ओवर में 32 रन बनाकर आउट हो गई। अशद ने महज 14 रन देकर 7 विकेट झटक लिए। 2 विकेट बाशिर हैदर को मिले। एक बल्लेबाज को क्षेत्ररक्षण में बाधा पहुंचाने के कारण आउट करार दे दिया गया। टीम के 6 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। सबसे ज्यादा रन मध्य क्रम के बल्लेबाज अनवर खान (नाबाद 11) ने बनाए।
रेलवेज ने डेरा टीम को फॉलोआन के लिए मजबूर किया और उसने अपनी दूसरी पारी शुरू की। लेकिन इस बार डेरा इस्माइल टीम का प्रदर्शन और भी खराब रहा और पूरी टीम 13 ओवर के अंदर ही आउट हो गई। दूसरी पारी में टीम महज 27 रन ही बना सकी। इस दौरान अहद खान ने महज 7 रन देकर 9 विकेट झटके। एक बल्लेबाज रन आउट हो गया। ओपनर जमील अहमद ने सबसे ज्यादा 10 रन बनाए।
दोनों पारियों को मिलाकर डेरा टीम ने कुल 59 रन बनाए थे और इस लिहाज से उन्हें एक पारी और 851 रनों से क्रिकेट में सबसे दर्दनाक हार का सामना करना पड़ा। मैच में डेरा की दोनों पारियों में 16 बल्लेबाज बोल्ड हुए। जबकि रेलवेज का एक भी बल्लेबाज बोल्ड नहीं हुआ था। यह मैच 3 दिन में ही खत्म हो गया था।
हालांकि यह मैच आज कल में नहीं खेला गया। यह मैच खेला गया था आज से 50 साल पहले लाहौर में (2-4 दिसंबर, 1964), लेकिन अपनी जीत के लिए आज भी इसे याद किया जाता है।