कोच राजकुमार शर्मा के साथ विराट कोहली
डीडीसीए की क्रिकेट मामलों की समिति ने एक अहम फैसला लेते हुए सोमवार को केपी भास्कर को पिछले साल घरेलू टूर्नामेंटों में खराब प्रदर्शन के बावजूद दिल्ली रणजी टीम का मुख्य कोच बनाये रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर मदन लाल की अध्यक्षता वाली समिति ने भारत के पूर्व हरफनमौला मनोज प्रभाकर को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया। प्रभाकर 2010- 11 सत्र में टीम के मुख्य कोच थे जिनके बाद अमित भंडारी को जिम्मा सौंपा गया । भंडारी का प्रदर्शन भी आलोचना के घेरे में रहा ।
इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा को दिल्ली की अंडर 23 टीम का कोच बनाया गया है। पांच दिन की बैठक के बाद समिति ने भास्कर को कोच बनाये रखने का फैसला किया है जबकि सीनियर टीम ने रणजी ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया । दिल्ली दोनों टूर्नामेंटों में नाकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकी ।
भास्कर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के साथ तीखी बहस के कारण चर्चा में रहे थे । गंभीर ने आरोप लगाया था कि भास्कर युवाओं के कैरियर के साथ खिलवाड़ करके ड्रेसिंग रूम में मतभेद पैदा कर रहे हैं। गंभीर को बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया ।
भास्कर को कप्तान बनाये रखने के फैसले के बारे में लाल ने कहा ,‘‘ हमने भास्कर को दूसरा मौका दिया है । एक साल किसी का आकलन करने के लिये काफी नहीं होता । समिति को यकीन है कि इस साल वह बेहतर काम करेंगे ।’’ गंभीर के साथ उनके तल्ख संबंधों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ ऐसी बातें कभी कभार हो जाती है लेकिन हमें आगे बढना होता है ।उम्मीद है कि इस बार बेहतर होगा ।’’