ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच में भले ही भारत की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही और टीम पहली पारी में 185 रन पर ऑलआउट हो गई, लेकिन टीम को गेंदबाजों से, विशेषकर स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से काफी उम्मीदें हैं। बुमराह ने पहले दिन का खेल समाप्त होने से ठीक पहले उस्मान ख्वाजा को आउट कर कंगारू टीम को पहला झटका दे दिया और अब उनकी नजरें दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में आउट करने पर टिकी होंगी।
वेबस्टर को मार्श की जगह किया गया शामिल
ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच के लिए ऑलराउंडर मिचेल मार्श की जगह ब्यू वेबस्टर को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। हालांकि, यह युवा खिलाड़ी अपने पहले ही मैच में बुमराह का सामना करने से खौफ खा रहा है। वेबस्टर का मानना है कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) की पिच तेज गेंदबाजों की मददगार है और ऐसे में बुमराह का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।
वेबस्टर ने कहा, इस विकेट पर बल्लेबाजी करने का एक तरीका है। उनकी टीम में जसप्रीत बुमराह के जैसा एक विश्व स्तरीय गेंदबाज है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह हमारे पूरे बल्लेबाजी समूह को चुनौती देगा। वह अपनी लेंथ और लाइन के मामले में अद्भुत हैं। जब पिच से थोडी मदद मिले तो उसका सामना करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। यह तेज गेंदबाजों के अनुकूल पिच थी और पिच पर घास की मौजूदगी के कारण गेंद काफी समय तक नई जैसी रही। ऐसा भी नहीं है कि यह पूरी तरह से घसियाली पिच है। हमारी योजना उस तरह की गेंदबाजी करने की थी जिससे बल्लेबाज कदमों का इस्तेमाल कर शॉट खेलने की कोशिश करें।
उन्होंने कहा, स्कॉट बोलैंड ने शानदार गेंदबाजी की। जब से वह टीम में वापस आया है उसने दिखाया है कि वह एक क्यों एक विश्व स्तरीय गेंदबाज है। मुझे लगा कि आज सभी गेंदबाज वास्तव में अच्छे थे और उन्हें 200 के स्कोर के अंदर आउट करना शानदार रहा।
वेबस्टर ने कहा कि गेंद कुछ अधिक स्विंग कर रही थी इसलिए यह नियमित रूप से बल्लेबाजों के बल्ले से किनारे से निकल रही थी। उन्होंने कहा, कुछ ऐसी गेंदे भी थी जिसे खेलना काफी मुश्किल था। इसके बाद भी कई बार विकेट निकालना मुश्किल हो रहा था। हमने एक अच्छी साझेदारी रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत की देखी। इस साझेदारी के दौरान गेंद अच्छे से स्विंग होने के बावजूद हम विकेट नहीं निकाल पा रहे थे। गेंद कई बार बल्ले के किनारे से निकली लेकिन उससे टकराई नहीं।