भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिसमें दावा किया गया था कि मुख्य कोच गौतम गंभीर की कुर्सी टेस्ट प्रारूप में खतरे हैं। हाल ही में ऐसी खबरें आई थी कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में हार के बाद बोर्ड के एक अधिकारी ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण से टेस्ट टीम का कोच बनने पर बात की थी। हालांकि, बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को बेबुनियाद बताया था और अब राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड ऐसा कोई फैसला नहीं लेने जा रहा है।
लक्ष्मण से अनौपचारिक बात होने का किया गया था दावा
गंभीर का सीमित ओवर में अच्छा रिकॉर्ड है और उनके नेतृत्व में टीम ने एक आईसीसी और एक एसीसी ट्रॉफी अपने नाम की है। लेकिन सेना देशों के खिलाफ 10 टेस्ट मैच गंवाने के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में कोच के तौर पर गंभीर की शैली पर प्रश्न चिन्ह लगाए जा रहे हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि बीसीसीआई में अहम पद पर मौजूद किसी ने वीवीएस लक्ष्मण से अनौपचारिक तौर पर बातचीत की थी और यह जानने की कोशिश की थी कि क्या वह लाल गेंद की टीम का कोच बनने में रुचि रखते हैं? हालांकि, यह पता चला था कि लक्ष्मण बंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हेड ऑफ क्रिकेट के पद से ही संतुष्ट हैं।
इन मीडिया रिपोर्ट्स पर राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि गंभीर को भारतीय टेस्ट टीम के कोच पद से नहीं हटाया जाएगा। शुक्ला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, मुख्य कोच गंभीर को लेकर मीडिया में चल रही अटकलों पर मैं स्पष्ट राय रखना चाहता हूं। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने भी बताया है कि गंभीर को भारतीय टीम के कोच पद से हटाने या नया कोच नियुक्त करने की कोई योजना नहीं है।
सैकिया ने जताई थी नाराजगी
राजीव शुक्ला ने पहले सैकिया ने गंभीर को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा था, यह खबर पूरी तरह से गलत है। यह पूरी तरह से अटकलबाजी पर आधारित है। कुछ प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियां भी इसे प्रसारित कर रही हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। बीसीसीआई ने इसका सीधा खंडन किया है। लोग चाहे जो सोचें, लेकिन बीसीसीआई ने कोई कदम नहीं उठाया है। यह किसी की मनगढ़ंत कहानी है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है और मैं इसके अलावा कुछ नहीं कह सकता कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार खबर है।