टीम इंडिया की लगातार खस्ता हालत और घरेलू तथा विदेशी जमीन पर टीम के खराब प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम के कोच डंकन फ्लेचर की अगले साल मार्च तक विदाई हो सकती है। एक निजी समाचार चैनल के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने फ्लेचर की जगह लेने के लिए नए कोच की तलाश शुरू कर दी है। फ्लेचर का कोच का कार्यकाल अगले साल मार्च में खत्म होने जा रहा है और बोर्ड संभवत उनके अनुबंध को आगे बढ़ने के बारे में विचार नहीं कर रहा है।
साल 2011 में भारतीय टीम को विश्व विजयी बनाने वाले पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के बाद फ्लेचर के हाथों में टीम को सौंपा गया था। लेकिन फ्लेचर के कोच बनने के बाद से भारतीय टीम के प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है। टीम इंडिया को वर्ष 2011-12 में इंग्लैंड में 0-4 से टेस्ट सीरीज के साथ नंबर एक की रैंकिंग भी गंवानी पड़ी थी। भारत इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में भी 0-4 से हारा।
इंग्लैंड की जमीन के साथ साथ भारत को हाल ही में अपने घरेलू मैदान पर भी इंग्लैंड से 2-1 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी है जो कि अपने मैदान पर भारत की आठ वर्षों में यह पहली हार थी। इसके अलावा भारत ने दो मैचों की टी20 का दूसरा मुकाबला भी इंग्लैंड से गंवा दिया जबकि वर्ष 2007 के बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टी20 में भी भारत को पांच विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी।
टीम इंडिया के सबसे सफलतम कोचों में से एक कस्टर्न की सिफरिश पर टीम इंडिया के नए कोच बनाए गए फ्लेचर इंग्लैंड के कोच की भूमिका निभा चुके हैं। फ्लेचर के कोच पद पर रहते इंग्लैंड ने वर्ष 2005 में लगभग 18 वर्षों के बाद एशेज सीरीज में जीत दर्ज की थी। फ्लेचर वर्ष 1999 से 2007 के बीच लगभग आठ वर्षों तक इंग्लैंड के कोच रहे थे। हालांकि परिवर्तन से गुजर रही टीम इंडिया के लिए फ्लेचर अब तक एक कमजोर कोच ही साबित हुए हैं।