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रणजी ट्रॉफी नॉकआउट में सीमित डीआरएस का इस्तेमाल, हाक आई और अल्ट्रा एज तकनीक नहीं होगी शामिल

Sat, 20 Jul 2019 08:28 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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बीसीसीआई
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बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी नॉकआउट मैचों में ‘सीमित डीआरएस’ के इस्तेमाल का फैसला किया है ताकि पिछले सत्रों की तरह अंपायरिंग की गलतियों की वजह से टूर्नामेंट चर्चा में नहीं रहे। घरेलू टूर्नामेंट में इस्तेमाल होने वाले डीआरएस में हाक आई और अल्ट्रा एज नहीं होगा जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसका हिस्सा है। पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी के दौरान कई विवादित फैसले सामने आए जिसमें कर्नाटक और सौराष्ट्र के बीच बंगलूरू में खेला गया सेमीफाइनल शामिल था।

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बीसीसीआई के क्रिकेट महाप्रबंधक सबा करीब ने कहा, ‘पिछले साल कुछ नॉकआउट मैच अंपायरों की गलतियों के कारण चर्चा में थे।’ उन्होंने कहा, ‘हम इससे बचना चाहते थे लिहाजा नॉकआउट मैचों में तकनीक का इस्तेमाल होगा। सीमित आधार पर डीआरएस का प्रयोग किया जायेगा ताकि अंपायरों को सही फैसले लेने में मदद मिल सके।’ रणजी सेमीफाइनल में चेतेश्वर पुजारा को दोनों पारियों में जीवनदान मिल गया था। उन्होंने शतक जमाकर मैच का नक्शा बदल दिया और कर्नाटक फाइनल में पहुंच गया। मई में मुंबई में कप्तानों और प्रशिक्षकों ने एक बैठक के दौरान रणजी ट्रॉफी में डीआरएस के इस्तेमाल की मांग की थी जिसे सीओए ने मंजूर कर दिया ।a

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