सितंबर में आईपीएल 2020 का आगाज यूएई में होगा। इसको लेकर तैयारियां भी जोरों पर हैं। सभी टीमें यूएई रवाना होने की योजना पर काम कर रही हैं। कोरोना महामारी के चलते इसबार यह लीग विदेशी जमीन पर पहुंची है, लेकिन वहां भी कोरोना से बचाव के लिए बीसीसीआई कड़े दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है।
कहा जा रहा है कि शुरुआती मुकाबले बिना दर्शकों के ही होंगे। कमेंटेटर्स भी छह फीट की दूरी पर बैठेंगे। डगआउट में पहले की तरह भीड़ नहीं नजर आएगी। ड्रेसिंग रूम में 15 से अधिक खिलाड़ी नहीं रहेंगे। पोस्ट मैच-अवार्ड प्रेजेंटेशन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा और और 14 दिनों में चार बार सभी खिलाड़ियों की कोरोना की जांच की जाएगी।
सितंबर से नवंबर तक यूएई में होने वाले आईपीएल के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा कुछ मानदंड तय किए गए हैं। इस मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को जल्द ही आईपीएल की फ्रेंचाइजियों को भेज दिया जाएगा। हालांकि अभी बोर्ड को सरकार की ओर से आईपीएल को यूएई में कराने के लिए अनुमति नहीं मिली है।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह एसओपी सिर्फ खिलाड़ियों के लिए ही नहीं होगी, बल्कि उनकी पत्नियां, गर्लफ्रेंड्स और फ्रेंचाइजी के मालिकों को भी बायो-सिक्योर वातावरण में रहना होगा। एक बार जब कोई भी बायो-सिक्योर वातावरण में रहने लगा, तो वो फिर इससे बाहर नहीं निकल सकता है। अगर वो इसे तोड़ता है तो वो दोबारा नहीं जुड़ पाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारी ने बताया कि खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य उनके साथ यात्रा कर सकते हैं या नहीं, यह फ्रेंचाइजी तय करेगी। मगर हमने एक प्रोटोकॉल रखा है, जिसमें हर कोई, यहां तक कि टीम के बस ड्राइवर भी बायो-बबल नहीं छोड़ सकते हैं। अगले हफ्ते होने वाली बैठक में एसओपी को फ्रेंचाइजियों को सौंप दिया जाएगा। यदि उन्हें कोई शिकायत होगी, तो वे बोर्ड से उसपर बात कर सकते हैं।
प्रत्येक खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले दो सप्ताह के अंतराल में चार कोविड परीक्षण से गुजरेंगे। दो परीक्षण भारत में प्रस्थान से पहले और दो संयुक्त अरब अमीरात में क्वारंटीन के दौरान किए जाएंगे। एसओपी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा तैयार किए गए मानदंडों की तर्ज पर बनाया गया है।