एशिया कप ट्रॉफी को लेकर भारतीय क्रिकेट और एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के बीच चल रहे विवाद पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का पूरा ध्यान भारतीय टीमों के प्रदर्शन पर है और देश की जनता खिलाड़ियों की उपलब्धियों से बेहद खुश है।
महिला एशिया कप के फाइनल में नहीं लिया था नकवी से ट्रॉफी
दरअसल, यह विवाद 13 सितंबर को दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के फाइनल के बाद फिर सामने आया। श्रीलंका को 72 रन से हराकर भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीता, लेकिन भारतीय टीम पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हुई। एसीसी अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद थे और भारत ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई ने फाइनल से पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दे दी थी।
करीब 40 मिनट तक नहीं शुरू हुआ पुरस्कार समारोह
मैच के बाद करीब 40 मिनट तक पुरस्कार समारोह शुरू नहीं हुआ। इस दौरान भारतीय टीम ने अपनी तरफ से मेडल सेरेमनी की, जिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसके बाद श्रीलंका की टीम और मैच अधिकारियों को पुरस्कार दिए गए, जबकि भारतीय टीम ट्रॉफी और विजेता मेडल लेने के लिए मंच पर नहीं आई।
पुरुष एशिया कप में भी सामने आया था ऐसा ही मामला
यह पहली बार नहीं था। पिछले साल पुरुष एशिया कप के फाइनल में भी भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। पाकिस्तान को हराकर चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम की ट्रॉफी सेरेमनी में भी इसी तरह गतिरोध हुआ था और ट्रॉफी भारत के खिलाड़ियों को सौंपे बिना ही प्रस्तुति समाप्त हो गई थी।
दुबई में हैं दोनों एशिया कप की ट्रॉफियां
फिलहाल दोनों एशिया कप ट्रॉफियां दुबई स्थित एसीसी मुख्यालय में हैं। हालांकि, बीसीसीआई सचिव सैकिया ने हाल में कहा था कि दोनों ट्रॉफियां अंततः मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय पहुंचेंगी, लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई थी।
सैकिया बोले- मैदान पर प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण
अब सैकिया ने इस पूरे विवाद पर टिप्पणी करने के बजाय भारतीय महिला टीम की लगातार सफलताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के लिए मैदान पर टीम का प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण है और देश इस प्रदर्शन का जश्न मना रहा है।