बीसीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर एक टाइमलाइन पोस्ट की जिसमें साहा की चोट की प्रकृति और आगे की कार्रवाई के बारे में बताया है। साहा 29 जनवरी को साहा बायीं ओर मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत के साथ आए। उनके कंधे में भी दर्द था। उनका फरवरी में एमआरआई स्कैन हुआ जिसमें लेबरल टियर का पता लगा।
इंजेक्शन और छह हफ्ते के रिहैबिलिटेशन के बाद उन्हें 19 मार्च को आईपीएल शुरू होने से दो हफ्ते पहले फिट घोषित कर दिया गया। साहा को फिर सात मई को फिर कंधे में चोट लगी और उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया और इंजेक्शन दिए गए। उन्होंने आईपीएल के पांच मैचों में विश्राम किया।
बाद में वह एनसीए गए जहां फिजियोथेरेपिस्ट का आकलन था कि दाएं कंधे जनवरी/ फरवरी जैसी है। सवाल यह है कि उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति कैसे मिल गई। बीसीसीआई की टाइमलाइन के अनुसार फिर मुंबई के अस्पताल में आर्थेपेडिक सर्जन को दिखाया गया जिनका मानना था कि स्टेरायड इंजेक्शन से मदद मिलेगी और ऐसा नहीं हुआ तो फिर सर्जरी करानी पड़ेगी।