भारतीय क्रिकेट में यो-यो टेस्ट पिछले कई वर्षों से चर्चा का विषय बना रहा है। कोरोना से पहले तक टीम इंडिया में चयन के लिए इस टेस्ट को पास करना जरूरी था। कोरोना के समय इसमें ढील दी गई। यो-यो टेस्ट के कारण ही भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस में काफी सुधार देखने को मिला है। आईपीएल के 15वें सीजन से ठीक पहले हार्दिक पंड्या और पृथ्वी शॉ सहित कई भारतीय खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट हुआ था। हार्दिक तो टेस्ट में पास हो गए, लेकिन पृथ्वी फेल हो गए।
इससे पहले भी कई खिलाड़ी यो-यो टेस्ट में फेल हो चुके हैं। इनमें युवराज सिंह, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, मोहम्मद शमी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। अब तो आईपीएल खेलने के लिए भी यो-यो टेस्ट को जरूरी कर दिया गया है। यानी जो खिलाड़ी बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में हैं, उन्हें यो-यो टेस्ट पास करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आईपीएल नहीं खेल सकेंगे। चूंकि पृथ्वी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में नहीं थे, इस वजह से आईपीएल 2022 में खेले थे।
धोनी और कोहली के रहते भारतीय टीम में फिटनेस को अहम कर दिया गया था
काफी साल पहले खिलाड़ियों की फिटनेस की जांच के लिए स्किनफोल्ड टेस्ट किया जाता था। इसके बाद इसके लिए डेक्सा (DEXA) टेस्ट किया जाने लगा। स्किनफोल्ट टेस्ट को बहुत दिनों तक टीम इंडिया ने फॉलो किया, लेकिन उस टेस्ट के बॉडी फैट परसेंटेज का माप सही नहीं था। इसके बाद बॉडी फैट के सही आकलन के लिए डेक्सा टेस्ट किया जाने लगा।
हालांकि, बाद में डेक्सा को बंद कर दिया गया। अब फिर से इस टेस्ट की वापसी हुई है। दरअसल, आज के समय में खिलाड़ियों के लिए हड्डियों और जोड़ों का दर्द बेहद आम बात है। रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर से लेकर रोहित शर्मा तक हड्डी में चोट के कारण काफी दिनों तक क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। ऐसे में अब बीसीसीआई इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
डेक्सा टेस्ट
बीसीसीआई चाहता है कि खिलाड़ियों को इस तरह की दिक्कत होने से पहले ही उसका पता लगाया जा सके। डेक्सा स्कैन शरीर संरचना और हड्डियों के स्वास्थ्य को मापने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है। यह दस मिनट का परीक्षण है जो शरीर के फैट को मापता है। इससे शरीर में बोन मास, फैट टिशू और मांसपेशियों के स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकता है। इसे बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि ये टेस्ट क्या है...
- यह टेस्ट हड्डियों की मजबूती की जांच के लिए करवाया जाता है।
- इस टेस्ट के जरिये ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री (डेक्सा) मशीन की मदद से हड्डियों के डेंसिटी को परखा जाता है।
- इसके अलावा डेक्सा टेस्ट से हड्डियों की कमजोरी की वजह का पता लगाया जाता है।
- इस टेस्ट के जरिये हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है।
डेक्सा स्कैन
घरेलू क्रिकेटर्स के लिए यह मापदंड तैयार
इसके अलावा भारत के घरेलू क्रिकेटर्स को राष्ट्रीय टीम में सेलेक्शन के लिए पर्याप्त डॉमेस्टिक क्रिकेट खेलना होगा। यानी अब सिर्फ आईपीएल ही राष्ट्रीय टीम में चयन का जरिया नहीं है। टीम में चयन के लिए खिलाड़ियों को पर्याप्त डॉमेस्टिक क्रिकेट भी खेलना होगा। बीसीसीआई ने पुरुष क्रिकेट के एफटीपी और वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्रिकेट एकेडमी को आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ मिलकर काम करने को कहा है।
साथ ही वनडे विश्व कप को देखते हुए बीसीसीआई ने 20 क्रिकेटर्स के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं, जो वनडे वर्ल्ड कप के लिए बोर्ड की पहली पसंद हैं। इन्हें NCA और आईपीएल फ्रेंचाइजी साथ मिलकर मॉनिटर करेगी। यानी इन 20 खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, बीसीसीआई को अगर लगा तो वह इन्हें हटा भी सकते हैं, लेकिन अगर सब कुछ ठीक रहा तो इन्हीं 20 में से वनडे वर्ल्ड कप के लिए स्क्वॉड का चयन होगा।
यह बैठक श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से पहले हुई है, जो तीन जनवरी से मुंबई में शुरू हो रही है। बीसीसीआई ने यह भी कहा कि बैठक में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के रोडमैप के साथ-साथ खिलाड़ियों की उपलब्धता, वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बातचीत हुई। वनडे वर्ल्ड कप इस साल के अंत में भारत में ही खेला जाएगा। बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, सचिव जय शाह, कप्तान रोहित शर्मा, मुख्य कोच राहुल द्रविड़, एनसीए चीफ वीवीएस लक्ष्मण और चेतन शर्मा शामिल हुए।