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BCCI: सौरव गांगुली और जय शाह के 'कूलिंग ऑफ पीरियड' को बढ़ाने के लिए बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जानें पूरा मामला

Fri, 15 Jul 2022 03:48 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बोर्ड ने 2019 में ही सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें बीसीसीआई ने बोर्ड से जुड़े संविधान में संशोधन की अपील की थी। इस याचिका में बोर्ड ने अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों के कूलिंग ऑफ पीरियड को बढ़ाने की मांग की थी।
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सौरव गांगुली, जय शाह और धूमल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय क्रिकेट से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह का कार्यकाल सितंबर में खत्म होने जा रहा है। ऐसे में बोर्ड ने कूलिंग ऑफ पीरियड (कार्यकाल खत्म होने से लेकर नई प्रक्रिया पूरी होने तक) बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ड का दरवाजा खटखटाया है। 
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बीसीसीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है कि नियमों में संशोधन को लेकर बोर्ड ने कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उस पर जल्द से जल्द सुनवाई करें। इस अपील पर चीफ जस्टिस एनवी रमणा ने कहा है कि वह देखते हैं कि इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है या नहीं। 

बोर्ड ने 2019 में ही सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें बीसीसीआई ने बोर्ड से जुड़े संविधान में संशोधन की अपील की थी। इस याचिका में बोर्ड ने अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों के कूलिंग ऑफ पीरियड को बढ़ाने की मांग की थी। साथ ही कई अन्य नियमों में बदलाव की भी अपील की थी। 
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गांगुली और जय शाह ने अक्तूबर 2019 में कार्यभार संभाला था। दोनों का कार्यकाल तीन साल का होता है। ऐसे में सितंबर 2022 में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसी वजह से बीसीसीआई जल्द से जल्द मामले में सुनवाई चाहता है, ताकि आगे की प्रक्रिया के लिए उसे समय मिल सके। बोर्ड की ओर से आगे की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की गई है। 
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