एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनकर्ताओं की किस्मत अब बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली के हाथों में आ गई है। बुधवार को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब गांगुली यह तय करेंगे कि चयनकर्ताओं की पुरानी टीम बरकरार रहेगी या उन्हें बदला जाएगा।
बीसीसीआई के नए संविधान के अनुसार एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनसमिति का कार्यकाल अभी बचा हुआ है, लेकिन बोर्ड के नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली फैसला करेंगे कि क्या पैनल को पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहिए या नहीं। पुराने संविधान के अनुसार चयनकर्ताओं का कार्यकाल चार साल था, लेकिन अब प्रभावी हो चुके संशोधित संविधान में अधिकतम पांच साल के कार्यकाल का प्रावधान है।
नए संविधान के अनुच्छेद 26(3) के अनुसार, ‘किसी भी व्यक्ति जो किसी क्रिकेट समिति का कुल पांच वर्ष तक सदस्य रहा हो वह किसी अन्य क्रिकेट समिति का सदस्य बनने के योग्य नहीं होगा।’ प्रसाद और गगन खोड़ा को 2015 में बीसीसीआई की एजीएम में नियुक्त किया गया था और नए संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल सितंबर 2020 में समाप्त हो जाएगा। इनके अलावा अन्य चयनकर्ताओं में जतिन परांजपे, सरनदीप सिंह और देवांग गांधी ने 2016 में शुरुआत की थी और उनका दो साल का कार्यकाल बचा हुआ है।
प्रशासकों की समिति के बोर्ड का संचालन करने के कारण 2017 और 2018 में कोई एजीएम नहीं हुई थी और इस तरह से पैनल बना रहा। गांगुली ने संकेत दिए हैं कि प्रसाद और खोड़ा की जगह नए सदस्य रखे जाएंगे।