भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पहली भारत के टी-20 विश्व कप में प्रदर्शन को लेकर बयान दिया है। संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले गए आईसीसी टी-20 विश्व कप में भारत पहले दौर से बाहर हो गया था। वहीं, इस वर्ल्ड कप को ऑस्ट्रेलिया की टीम जीतने में सफल रही। बीसीसीआई अध्यक्ष का मानना है किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में बीते पांच वर्षों में यह भारत का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
2017 तक बेहतर थी भारतीय टीम
उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की तुलना साल 2017 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी से की। जहां फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को एकतरफा मुकाबले में हराया था, इसके अलावा उन्होंने 2019 क्रिकेट वर्ल्ड कप सेमीफाइलन से की जहां न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को हार मिली थी। मीडिया से बात करते हुए सौरव गांगुली ने स्वीकार किया कि यूएई में खेले गए टी-20 विश्व कप में भारत ने अपने प्रदर्शन से निराश किया। गांगुली ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो 2017 तक भारत ठीक था, जब पाकिस्तान ने टीम इंडिया को ओवल में हराया मैं कॉमेंटेटर था, फिर इंग्लैंड में 2019 विश्व कप, हमने पूरे समय असाधारण प्रदर्शन करते हुए सभी को हराया और सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गए। उन्होंने आगे कहा, जिस तरह से हमने यह विश्व कप खेला उससे मैं थोड़ा निराश हूं, मुझे लगता है कि पिछले चार-पांच वर्षों में मैंने जो देखा है, उनमें से यह सबसे खराब प्रदर्शन है।
टी-20 कप में शुरुआती मैच हारा था भारत
संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले गए टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा। विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले मैच में टीम इंडिया को 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद न्यूजीलैंड के विरुद्ध हुए मैच में कीवी टीम ने भारत को 5 विकेट से शिकस्त दी। लगातार दो मैच हार जाने के बाद भारत फिर विश्व कप में वापसी नहीं कर पाया। भारतीय क्रिकेट इतिहास में नौ साल बाद ऐसा हुआ जब टीम इंडिया सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई। इसके बाद भारत ने अऩ्य टीमों के खिलाफ लगातार तीन मैच जीते लेकिन वह उसे अंतिम चार में पहुंचाने में नाकाफी थे।
15 फीसदी क्षमता के साथ खेला भारत
सौरव गांगुली ने बात करते हुए आगे कहा, मुझे नहीं पता कि क्या कारण है लेकिन मुझे लगा कि वे इस विश्व कप में खुलकर नहीं खेले, कभी-कभी बड़े टूर्नामेंट में ऐसा होता है, आप बस फंस जाते हैं और जब मैंने उन्हें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए देखा तो मुझे लगा कि यह वह टीम है जो अपनी क्षमता का 15% खेल रही है, कभी-कभी आप उस पर उंगली नहीं उठा सकते कि इस कारण के चलते ऐसा हुआ।