भारतीय टीम जहां एक तरफ एशिया कप की तैयारियों में जुट गई है तो वहीं इस बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने बैकरूम स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है। बीसीसीआई ने लंबे समय से टीम के मालिशिए राजीव कुमार से नाता तोड़ लिया है। राजीव हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर भी टीम के साथ गए थे, लेकिन बोर्ड ने एशिया कप से पहले उन्हें नया अनुबंध नहीं दिया।
बीसीसीआई ने किए हैं कई बदलाव
राजीव एक दशक से भी ज्यादा समय तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। बीसीसीआई ने हाल के दिनों में ड्रेसिंग रूम में कई बदलाव किए हैं। इससे पहले पूर्व बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर और लंबे समय से स्ट्रेंथ और अनुकूलन कोच रहे सोहम देसाई को भी बीसीसीआई ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय टीम के थिंक टैंक के एक प्रभावशाली सदस्य का मानना है कि सहयोगी स्टाफ के राष्ट्रीय टीम के साथ बहुत लंबे समय तक बने रहने से टीम को मिलने वाला लाभ कम होता है।
अगले महीने एशिया कप में हिस्सा लेगी भारतीय टीम
एक विचारधारा यह भी है कि लंबे समय तक सहयोगी स्टाफ के साथ रहने से सभी खिलाड़ियों के साथ एक निश्चित सहजता का स्तर बढ़ जाता है और यह टीम के विकास के लिए हानिकारक है। भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे के बाद फिलहाल ब्रेक पर है और अब वह नौ सिंतबर से यूएई में होने वाले एशिया कप में खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी। भारत का इस टूर्नामेंट में पहला मैच 10 सितंबर को होगा। इस टूर्नामेंट के लिए हाल ही में सूर्यकुमार यादव की अगुआई में 15 सदस्यीय भारतीय टीम घोषित की गई थी। शुभमन गिल इस टीम के उपकप्तान नियुक्त किए गए हैं। भारत का इस दौरान 14 सितंबर को पाकिस्तान से भी मुकाबला होगा।