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दिखा पावर गेम, श्रीनिवासन ने काम छोड़ा कुर्सी नहीं

Mon, 03 Jun 2013 01:41 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन रविवार को चेन्नई में जीत गए लेकिन ‘जेंटलमैन गेम’ क्रिकेट हार गया।
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बोर्ड के तीन पुरोधाओं के इस्तीफों के बावजूद श्रीनिवासन का बोर्ड की वर्किंग कमेटी की बैठक में कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया।

बोर्ड के दिग्गजों की राजनीति के बीच ‘समझौता बैठक’ में श्रीनिवासन ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया।

हां, क्रिकेट प्रेमियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच पूरी होने तक अपने को इस पद से अलग जरूर कर लिया है। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया बोर्ड का कामकाज संभालेंगे।

क्रिकेट से जुड़े लोगों ने बोर्ड की बैठक में हुए फैसलों को मैच फिक्सिंग से भी बदतर और धोखेबाजी करार दिया है।

सूत्रों की मानें तो बैठक में ऐसा कुछ भी अप्रत्याशित नहीं हुआ जैसा इसके शुरू होने से पहले श्रीनिवासन विरोधियों ने प्रचारित किया था।

बैठक से पहले श्रीनिवासन के धुर विरोधी पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष आईएस बिंद्रा ने एक बार फिर उनके इस्तीफे की मांग की। लेकिन बैठक के अंदर जैसे ही डालमिया को कार्यभार देने की बात कही गई बिंद्रा ने भी उनसे अपने पुराने संबंधों का ख्याल रख चुप्पी साध ली।
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ठीक वैसा ही हुआ जैसा शनिवार की रात रूपरेखा रची गई।

बोर्ड उपाध्यक्ष अरुण जेटली, संयुक्त सचिव अनुराग ठाकुर व आईपीएल कमिश्नर पद से इस्तीफा देने वाले राजीव शुक्ला बैठक में सीधे भाग लेने चेन्नई नहीं गए। इन तीनों ने दिल्ली में ही मौजूद रहकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया।

सूत्र बताते हैं कि श्रीनिवासन की ओर से मामले की जांच पूरी होने तक पद छोड़ने की बात कहने पर बिंद्रा, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि सावंत ने हल्का फुल्का विरोध किया।

इसके बाद खुद जेटली ने बोर्ड का कार्यभार संभालने के लिए डालमिया के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर विरोध के स्वर दब गए।

खास बात यह है कि अनुराग ठाकुर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मामले की जांच तक श्रीनिवासन अध्यक्ष पद पर काम नहीं करेंगे। इस दौरान बोर्ड का कामकाज जगमोहन डालमिया संभालेंगे।

कानूनी दांवपेंच से बचने के लिए यह कहीं नहीं लिखा गया है कि डालमिया को अंतरिम अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है।

बयान में शिर्के व जगदाले से बोर्ड के हित में इस्तीफा वापस लेने को भी कहा गया है। शिर्के बुलावे के बाद इस बैठक में शामिल होने गए। लेकिन सूत्र बताते हैं कि उन्होंने बैठक में ही साफ कर दिया अगर श्रीनिवासन इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह कोषाध्यक्ष पद पर वापस नहीं लौटेंगे।

वहीं संजय जगदाले खुद को नहीं बुलाए जाने के चलते बैठक में नहीं शामिल हुए। उन्होंने भी अपना इस्तीफा वापस लेने से इंकार कर दिया है।

बैठक के बाद यह साफ हो गया कि श्रीनिवासन की ओर से रखी गई हर शर्त पूरी हो गई है। शरद पवार खेमे के शशांक मनोहर का नाम नहीं उठा। शिर्के और जगदाले खुद वापस नहीं आ रहे हैं।

बिंद्रा बोले, बैठक महज दिखावा
बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष आईएस बिंद्रा ने बोर्ड की वर्किंग कमेटी की रविवार को यहां हुई बैठक की जबरदस्त निंदा की है। बिंद्रा ने एन श्रीनिवासन के इस्तीफा देने के बजाय बोर्ड की गतिविधियों से कुछ समय के लिए खुद को दूर रखने के फैसले को दुखद और मैच फिक्सिंग से भी खराब प्रकरण कहा।

बोर्ड की इस बैठक को मात्र दिखावा करार देते हुए पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं पूरी तैयारी के साथ बैठक में हिस्सा लेने पहुंचा था। मैंने सीधे तौर पर उनसे इस्तीफे की मांग की। मैंने कहा कि इस दिखावे से लोग खुश नहीं होंगे और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन श्रीनिवासन ने कहा कि वह कुछ समय के लिए दूर हो जाएंगे लेकिन इस्तीफा नहीं देंगे।’
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बिंद्रा ने दावा किया कि बैठक में शामिल वह एकमात्र ऐसे सदस्य थे जिसने श्रीनिवासन से इस्तीफे की मांग की।

बैठक भी थी फिक्स: जयवंत लेले
बीसीसीआई के पूर्व सचिव जयवंत लेले ने बोर्ड की कार्यकारी समिति की चेन्नई में हुई आपात बैठक को भी फिक्स बताया है।

उन्होंने साथ ही जगमोहन डालमिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने की निंदा करते हुए कहा, ‘रविवार को जो कुछ भी हुआ उससे मैं बेहद दुखी हूं। आखिर इस बैठक और मैच फिक्सिंग में फर्क ही क्या रहा गया? यह पूरी बैठक ही असंवैधानिक थी क्योंकि कार्यकारी समिति किसी की नियुक्ति नहीं कर सकती।’

अब तक तीन इस्तीफे
संजय जगदाले : 31 मई, शुक्रवार (बोर्ड सचिव पद से)
अजय शिर्के : 31 मई, शुक्रवार (बोर्ड कोषाध्यक्ष पद से)
राजीव शुक्ला : 01 जून, शनिवार (आईपीएल चेयरमैन पद से)
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