भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आईसीसी बैठक में संचालन और संवैधानिक बदलावों पर हुए मतदान में बड़ा झटका लगा है। दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई संचालन बदलावों पर हुए मतदान में 1-9 से हार गया जबकि बड़े टकराव का कारण रहे राजस्व मॉडल पर भारत के पक्ष में सिर्फ दो जबकि विपक्ष में आठ मत पड़े। भारतीय बोर्ड का प्रतिनिधित्व कर रहे अमिताभ चौधरी और श्रीलंका के थिलंगा सुमतिपाला ने बीसीसीआई के पक्ष में मतदान किया।
भारत को बीसीसीआई के पूर्व चेयरमैन शशांक मनोहर ने ही झटका दिया जो अब आईसीसी के पहले स्वतंत्र चेयरमैन हैं। आईसीसी की दो दिवसीय बोर्ड बैठक के पहले दिन प्रशासनिक ढांचे और राजस्व मॉडल में बदलाव को लेकर वोटिंग हुई। दुबई में मौजूद बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मतदान खत्म हो गया है। यह राजस्व मॉडल के पक्ष में 8-2 और संवैधानिक बदलावों के पक्ष में 9-1 से रहा। बीसीसीआई ने दोनों के खिलाफ मत दिया क्योंकि सैद्धांतिक तौर पर हम कहते रहे हैं कि ये सभी बदलाव पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। फिलहाल हम इतना ही कह सकते हैं कि हमारे पास सभी विकल्प खुले हैं। हम विशेष आम सभा बैठक में जाएंगे और सारे हालात सदस्यों के सामने रखेंगे।’
भारतीय बोर्ड आईसीसी के प्रशासनिक मॉडल और टू-टियर टेस्ट ढांचे का विरोध कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, बीसीसीआई के अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर की राजस्व पेशकश सिरे से खारिज होने के बाद एक बार फिर उसे 29 करोड़ डॉलर का शुरुआती विकल्प दिया गया जो उसे पिछले साल तक मिल रहे 57 करोड़ डॉलर से 28 करोड़ डॉलर कम है। इससे पहले आईसीसी ने बीसीसीआई के सामने अतिरिक्त तौर पर 100 मिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव रखा था। पिछले साल भारतीय बोर्ड को 570 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिले थे।
कुछ सदस्य देशों के वोट का था भरोसा
बीसीसीआई को कुछ सदस्य देशों के वोट मिलने का पूरा भरोसा था जिसमें बांग्लादेश और जिम्बाब्वे शामिल हैं। बीसीसीआई को पूरी उम्मीद थी कि दोनों भारत के पक्ष में रहेंगे लेकिन इनके वोट न मिल पाना हैरानी भरा रहा। इसके अलावा प्रशासकों की समिति (सीओए) के लिए परेशान करने वाली बात यह भी रही कि वह कुछ सदस्य देशों से बातचीत कर रहा था और उसे भरोसा था कि वह भी भारत के पक्ष में रहेंगे। सीओए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन नाजमुल हसन, डेविड पीवर (ऑस्ट्रेलिया) और हारून लोर्गट (दक्षिण अफ्रीका) के वोट पाने में भी असफल रहा जो भारत दौरे पर भी आए थे।