एक दशक से लगातार अफगानिस्तान क्रिकेट की मदद करने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन (सीएएन) की सहायता का मन बनाया है। शुक्रवार को सीएएन के अध्यक्ष चतुर बहादुर ने दिल्ली में बीसीसीआई सचिव जय शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बुनियादी ढांचा और ट्रेनिंग संबंधित सहायता देने को लेकर चर्चा हुई।
टी20 विश्व कप 2024 के लिए नेपाल की सीनियर टीम जून में अमेरिका को रवाना होगी। इससे पहले सीएएन ने बीसीसीआई सचिव से टीम को उचित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की मांग की है। अगर सब कुछ ठीक रहता है तो टी20 विश्व कप में खेलने से पहले नेपाल की टीम दिल्ली में कुछ प्रैक्टिस मैच खेल सकती है।
नेपाल में क्रिकेट को बढ़ाना चाहते हैं जय शाह
महिलाओं की प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) को लेकर हुई बैठक के दौरान उभरते क्रिकेटर्स को उचित प्रशिक्षण देने को लेकर चर्चा हुई। सीएएन से जुड़े एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ''सीएएन अध्यक्ष चतुर बहादुर ने हाल ही में एसीसी (एशियाई क्रिकेट परिषद) की बैठक के दौरान बीसीसीआई सचिव जय शाह से मुलाकात की थी और उन्हें चर्चा के लिए नई दिल्ली आने के लिए आमंत्रित किया था। दोनों ने मुलाकात की जिसमें बीसीसीआई सचिव ने उनसे इस संबंध में एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। जय शाह नेपाल में क्रिकेट को बढ़ावा देने में बहुत सहायक रहे हैं।''
अफगानिस्तान की राष्ट्रीय और अंडर-19 टीमों ने कई वर्षों तक दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा में प्रशिक्षण लिया है। अब बीसीसीआई आने वाले वर्षों में नेपाल क्रिकेट के विकास में मदद करने की तैयारी कर रहा है। सीएएन का मानना है कि देश के खिलाड़ियों को तीन क्षेत्रों में मदद की जरुरत हैं।
तीन क्षेत्रों में मदद की मांग
बोर्ड चाहता है कि टी20 विश्व कप से पहले नेपाल की राष्ट्रीय टीम को बिना किसी व्यवधान के प्रैक्टिस मैच खेलने का मौका दिया जाए। दरअसल, काठमांडू का मौसम खेल के पक्ष में नहीं है। दूसरी तरफ नेपाल में खिलाड़ियों को उचित मेडिकल सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं जबकि भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में उच्चतम व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। वहीं, बोर्ड की तीसरी मांग है कि नेपाल की अंडर-19 और ए टीमों को अलग-अलग राज्यों की टीमों के साथ खेलने का मौका मिले। इससे उनके खिलाड़ियों के विकास में मदद होगी साथ ही कौशल में वृद्धि होगी।