बांबे हाई कोर्ट के बीसीसीआई द्वारा गठित जांच कमेटी को असंवैधानिक करार दिए जाने के फैसले के खिलाफ भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी गुहार लगाई है।
बांबे हाई कोर्ट ने पिछले दिनों आईपीएल 6 स्पॉर्ट फिक्सिंग जांच के लिए बीसीसीआई द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच दल को अवैध तथा असंवैधानिक करार दिया था।
बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में जांच कमेटी को कानूनी तथा बोर्ड के नियमों के दायरे में गठित बताया है। साथ ही बोर्ड ने कहा कि बांबे हाई कोर्ट का यह कहना गलत है कि स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी की जांच को लेकर कमेटी गठित करने में बीसीसीआई ने नियमों का पालन नहीं किया।
इसके अलावा बीसीसीआई ने अपनी याचिका में देश की शीर्ष अदालत से बांबे हाई कोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने के लिए अपील की है।
बांबे हाई कोर्ट के जस्टिस एसजे वजीफदार और जस्टिस एमएस सोनाक की दो सदस्यीय खंडपीठ ने बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई को स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोबारा जांच कराने के आदेश दिए थे।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिए अपमानजनक बताया था।
बीसीसीआई द्वारा गठित कमेटी ने बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन के अलावा राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा को क्लीन चिट दे दी थी।