वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों का अपने देश के क्रिकेट बोर्ड से भुगतान संबंधी विवाद को लेकर भारत का दौरा बीच में ही रद्द करने से जहां कैरेबियाई देश को शर्मसार होना पड़ा था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विंडीज टीम का दौरा बीच में ही रद्द होने से हुई आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए वेस्टइंडीज बोर्ड के सामने लगभग 2 अरब, 58 करोड़, 21 लाख रुपए (41.97 मिलियन डॉलर) की भारी भरकम मांग रख दी है।
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को अक्टूबर-नवंबर में भारत दौरे पर 5 मैचों की वनडे के अलावा एक ट्वंटी-20 मैच और 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी थी। लेकिन कैरेबियाई खिलाड़ियों ने धर्मशाला में वनडे सीरीज के चौथे मैच से पहले ही दौरा बीच में खत्म करने स्वदेश वापसी का ऐलान कर दिया था।
इस घटना के लिए वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डब्ल्यूआईसीबी) और वेस्टइंडीज खिलाड़ी संघ (डब्ल्यूआईपीए) के बीच करार को सही तरीके से नहीं निपटाने का आरोप लगा था। दोनों संगठनों के बीच सितंबर में करार पर हस्ताक्षर हुआ था।
मुआवजे के लिए दिया सिर्फ 15 दिन का वक्त
वेस्टइंडीज टीम के भारत दौरा रद्द करने को बीसीसीआई ने 'बड़ी तबाही' करार दिया है। विंडीज खिलाड़ियों के फैसले से बेहद नाराज बीसीसीआई ने कुछ दिन पहले ही उसके साथ द्वीपक्षीय क्रिकेट रिश्ते खत्म करने का ऐलान भी कर दिया था।
द्वीपक्षीय क्रिकेट रिश्ते खत्म करने के बाद बीसीसीआई ने दौरा रद्द होने से हुई आर्थिक क्षति के निपटारे के लिए विंडीज बोर्ड के सामने भारी-भरकम मुआवजा के लिए 2 अरब रुपए से ज्यादा का दावा ठोक दिया है और चेतावनी भी दी कि अगर 15 दिनों के अंदर कैरेबियाई बोर्ड कुछ नहीं करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो पर छपी खबर के अनुसार, डब्ल्यूआईसीबी के अध्यक्ष डेव कैमरन को एक पत्र भेजा गया है। जिसमें बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने शुक्रवार को यह इशारा किया कि अगर विंडीज बोर्ड 15 दिनों के अंदर मुआवजे की राशि के भुगतान को लेकर जवाब देने में असमर्थ होता है तो नुकसान की भरपाई के लिए दूसरे उपायों पर विचार किया जाएगा।
बीसीसीआई को कहां से कितना हुआ नुकसान
बीसीसीआई सचिव संजय पटेल का पत्र मिलने के बाद वेस्टइंडीज में अफरा-तफरी मच गई है और कैमरन तथा बोर्ड के अन्य अधिकारी त्रिनिदाद में खिलाड़ियों के संगठन के साथ विवाद को सुलझाने के लिए बैठकें कर रहे हैं।
यह बैठक सेंट विसेंट के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्वेस की ओर से बुलाई गई थी। गोंजाल्वेस वही शख्स हैं जिन्होंने 3 साल पहले विंडीज क्रिकेट बोर्ड और क्रिस गेल के बीच विवाद को सुलझाया था। इसी के बाद ही गेल की राष्ट्रीय टीम में वापसी हो सकी थी।
बीसीसीआई को कहां से कितना हुआ नुकसान
मीडिया राइट्स शुल्क 13 अरब, 27 करोड़ रुपए।
टाइटल स्पॉंसरशिप शुल्क 61 करोड़, 54 लाख रुपए।
टीम स्पॉंसरशिप शुल्क 59 करोड़ रुपए।
कीट स्पॉंसरशिप शुल्क 18 करोड़, 75 लाख रुपए।
टिकट स्पॉंसरशिप शुल्क 76 करोड़, 85 लाख रुपए।
इन-स्टेडिया स्पॉंसरशिप शुल्क 46 करोड़, 11 लाख रुपए।