बीसीसीआई की वित्त समिति ने क्रिकेटरों की वेतन वृद्धि के फैसले को सुरक्षित रख लिया है। इसका कारण यह है कि वित्त समिति के चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया मीटिंग को बीच में छोड़कर चले गए। बता दें कि मीटिंग भारतीय महिला और घरेलू स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के वेतन में वृद्धि के लिए आयोजित की गई थी।
बीसीसीआई के एक सूत्रों के मुताबिक समिति के चेयरमैन सिंधिया ने प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से इस बारे में समिति की भूमिका को लेकर स्पष्ट निर्देश न दिये जाने से बैठक को बीच में छोड़ दिया। सिंधिया इस मामले को लेकर मीटिंग में मौजूद मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी और मुख्य वित्त अधिकारी संतोष रंगनेकर पर खासे नाराज दिखे।
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मालूम हो कि रणजी ट्रॉफी मे खेलने वाले क्रिकेटरों की सेलरी में बढ़ाेतरी के लिए विचार सबसे पहले भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली ने दिया था। उस समय बोर्ड के एक्टिंग प्रेसिडेंट सीके खन्ना हुआ करते थे। उन्होंने घरेलू क्रिकेटरों के सैलरी में 50 प्रतिशत की वृद्धि के लिए प्रस्ताव दिया था। फाइनेंस समिति ने क्रिकेटरों के साथ-साथ मैच रेफरी, अंपायर और वीडियो विश्लेषक के वेतन में भी वृद्धि को लेकर विचार किया है।