बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने मिल सकते हैं। बोर्ड के अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल की कुर्सी खतरे में है। बीसीबी के एजेंडे में शामिल कई मुद्दों में से एक अध्यक्ष बुलबुल के कार्यकाल के दौरान चार निदेशकों के इस्तीफे पर भी चर्चा करना है। बांग्लादेश क्रिकेट जगत में बुलबुल के पद पर बने रहने को लेकर गहरा असंतोष है क्योंकि उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस को टीम को भारत भेजने के लिए मनाने में अपनी असमर्थता व्यक्त की थी।
बांग्लादेश ने भारत में खेलने से किया था इनकार
- बांग्लादेश में जब अंतरिम सरकार थी उस समय खेल मंत्रालय के सलाहकार और भारत विरोधी गतिविधियों के पहचाने जाने वाले आसिफ नजरुल का बीसीबी में दखल था।
- बीसीसीआई ने जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने का फैसला लिया तो नजरुल ने सुरक्षा का बहाना बनाकर राष्ट्रीय टीम भारत भेजने से मना कर दिया था।
- बीसीबी ने टी20 विश्व कप के मैच भारत के बजाए श्रीलंका कराने की मांग की थी, लेकिन आईसीसी ने भारत में सुरक्षा को खतरा नहीं माना था और बांग्लादेश की मांग खारिज कर दी थी।
नौ अप्रैल को समिति सौंपेगी रिपोर्ट
सूत्र ने कहा, टी20 विश्व कप में भाग नहीं लेने के विवाद की जांच कर रही जांच समिति नौ अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब वह रिपोर्ट पेश की जाएगी, तब बुलबुल की स्थिति क्या होगी। इस स्थिति में एक अंतरिम बोर्ड कमान संभालेगा और 90 दिनों के भीतर दोबारा चुनाव होंगे। सभी की नजरें बांग्लादेश के विदेश मंत्री के दिल्ली दौरे पर भी टिकी होंगी।
माना जा रहा है कि बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और देश के महानतम सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल बीसीबी के अध्यक्ष पद के लिए एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की पहल भी शुरू कर दी है। बीसीबी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पत्र लिखा है और सितंबर में सीमित ओवर की सीरीज का प्रस्ताव रखा है।