एशेज टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में गेंद बदलने से शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। अब ड्यूक गेंद के मालिक दिलीप जजोडिया ने पूरे मामले पर जांच करने की बात कही है।
एशेज टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन गेंद बदले जाने के बाद इंग्लैंड की किस्मत भी बदल गई और बदली गई गेंद से इंग्लैंड के गेंदबाजों को जमकर स्विंग मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और मैच भी हार गया।
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एशेज टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में गेंद बदलने से शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। अब ड्यूक गेंद के मालिक दिलीप जजोडिया ने पूरे मामले पर जांच करने की बात कही है। जजोडिया ने कहा कि इस विवाद से उनकी साख को नुकसान हुआ है और वह अपने स्तर पर जांच करेंगे। हालांकि, आईसीसी इस मामले में नियम बता चुका है और साफ कर चुका है कि गेंद को नियमों के अंदर रहकर ही बदला गया था।
क्या है विवाद?
जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड
- फोटो : सोशल मीडिया
एशेज टेस्ट सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रन का लक्ष्य रखा था। ऑस्ट्रेलिया को लगभग दो दिन के खेल में यह लक्ष्य हासिल करना था। वहीं, इंग्लैंड के 10 विकेट लेने थे। डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा ने शानदार शुरुआत की और सीरीज में पहली बार ऑस्ट्रेलिया के लिए शतकीय सलामी साझेदारी की। दोनों अर्धशतक लगाकर खेल रहे थे और ऐसा लग रहा था कि कंगारू टीम यह मैच अपने नाम कर सीरीज 3-1 से जीतकर इतिहास रच देगी।
मैच के आखिरी दिन 35वें ओवर में मार्क वुड की एक गेंद उस्मान ख्वाजा के हेलमेट पर लगी और इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने अंपायर से गेंद बदलने की मांग की। नियम के अनुसार बीच में गेंद बदले जाने पर नई गेंद भी वैसी ही होना चाहिए, जैसी पुरानी गेंद थी, लेकिन यहां पर जो नई गेंद इंग्लैंड को दी गई उसकी चमक पुरानी गेंद की तुलना में काफी ज्यादा थी। इस गेंद के साथ इंग्लैंड के गेंदबाजों को जमकर स्विंग मिलने लगी और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 135/0 से 169/3 हो गया। क्रीज पर जम चुके ख्वाजा और वॉर्नर आउट हो गए। इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाज मैच में हावी हो गए और अंत में कंगारू टीम को 334 रन पर समेटकर मैच 49 रन से अपने नाम कर लिया।
ख्वाजा ने की शिकायत
उस्मान ख्वाजा और डेविड वॉर्नर
- फोटो : सोशल मीडिया
गेंद बदले जाने के बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों को जब स्विंग मिलने लगी तो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज हैरान रह गए। कमेंट्री कर रहे रिकी पोंटिंग ने भी इस पर सवाल खड़े किए। मैच के बाद इस पर बात करते हुए ख्वाजा ने कहा “मैं सीधे कुमार के पास गया और तुरंत कहा, वह गेंद उस गेंद जैसी नहीं दिखती, जिसके साथ हम खेल रहे थे। मैं इस पर कुछ लिखा हुआ देख सकता हूं।, इस एशेज सीरीज में मैंने जितनी भी गेंदों का सामना किया था, यह उनकी तुलना में बहुत कठिन थी और मैंने हर बार नई गेंद के खिलाफ पारी की शुरुआत की थी।"
आईसीसी ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया के साथ एशेज सीरीज खत्म होने के दो दिन बाद आईसीसी ने गेंद-बदलने के मामले पर ऑस्ट्रेलिया के आरोप का जवाब दिया। आईसीसी ने पांचवें टेस्ट में हुई घटना पर बात करने की बजाय गेंद बदलने के नियम बताए। एक प्रवक्ता ने कहा, "आईसीसी मैचों में अंपायरों द्वारा लिए गए फैसलों पर टिप्पणी नहीं करती है।" “हालांकि, हम पुष्टि कर सकते हैं कि प्रत्येक मैच की शुरुआत से पहले ही सभी गेंदों का चयन किया जाता है और जब आवश्यकता होती है, तो मैच अधिकारी उस गेंद को चुनते हैं जो बदली जाने वाली गेंद की स्थिति के सबसे करीब होती है।”
दिलीप ने जांच की बात कही
ड्यूक बॉल
पोंटिंग की जांच की मांग का जवाब देते हुए ड्यूक गेंद के मालिक दिलीप जजोदिया ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा “विशिष्ट सीजन के लिए हम जो भी गेंद बनाते हैं, उस पर तारीख की मोहर लगी होती है। इस पर 2023 अंकित होगा। हम हर मैदान पर गेंदों की आपूर्ति करते हैं। इन गेंदों को ईसीबी या आईसीसी नियंत्रित नहीं करता है, इसे ग्राउंड अथॉरिटी नियंत्रित करती है। इसलिए इस मैच की गेंदों को सरे ने नियंत्रित किया। सीजन शुरू होने से पहले सरे को हमने गेंदों की आपूर्ति की और फिर वे उन्हें पुरानी करने के लिए उनके साथ अभ्यास करना शुरू करते हैं। मेरे विचार में, वे शायद इसे उतनी सटीकता से नहीं कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बदली गई गेंद ड्यूक गेंद के 2018/19 बैच से थी, जो इंग्लैंड में बल्लेबाजों के लिए एक बुरे सपने के समान थी, लेकिन जजोडिया को इस बात पर विश्वास नहीं था कि 2023 सीरीज में ऐसी गेंद का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने कहा, "यह बहुत मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। मैं कल्पना नहीं कर सकता कि वे एक अलग तारीख वाली गेंद को वहां डालने का जोखिम उठाएंगे। भले ही गेंद से सोना निकल जाए, उस पर छाप पड़ जाती है। इससे छुटकारा पाना आसान नहीं होगा। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि यह असंभव है, लेकिन इसकी संभावना न के बराबर है। मैं खुद जांच करने जा रहा हूं, क्योंकि यह मुझे प्रभावित करता है... मेरा नाम दांव पर है इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि वे गेंद के साथ कुछ गलत न करें।