फिरोजशाह कोटला में अंतरराष्ट्रीय मैच हो और डीडीसीए के अधिकारियों पर अंगुली न उठे ऐसा कम ही हुआ है। इस बार कई डीडीसीए अधिकारी भारत और पाकिस्तान मैच के दौरान अपने चहेते बच्चों के लिए तालियां बजाते नजर आएंगे। ये बच्चे मैदान पर होंगे लेकिन बाउंड्री लाइन के बाहर।
किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में बाउंड्री लाइन के बाहर खड़े होकर गेंद उठाने की जिम्मेदारी अंडर-14 या 16 टीम के उभरते खिलाड़ियों की होती है। लेकिन इस बार यह जिम्मा डीडीसीए अधिकारियों को बच्चों को सौंपा जा रहा है। तकरीबन 40 बच्चों में से दो-दो बच्चे उपाध्यक्षों, सात स्पोर्ट्स कमेटी, 15 डायरेक्टरों को बतौर कोटा दिए गए हैं।
सिर्फ यही नहीं डीडीसीए ने एक और विवादास्पद कदम उठाते हुए 2011 वर्ल्ड कप में भारत और नीदरलैंड के बीच मुकाबले के दौरान तैनात किए गए संदेहास्पद व्यक्ति को एक बार फिर भारतीय टीम के साथ जोड़ दिया है। उस दौरान इस व्यक्ति की ड्रेसिंग रूम में मौजूदगी पर खासा बवाल मचा था। लेकिन इस बार फिर वही कदम उठाते हुए इस व्यक्ति को भारतीय टीम के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।