न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज अवेश खान ने कहा कि देश की नुमाइंदगी का उनका सपना आखिरकार पूरा गया है। उन्होंने आईपीएल 2021 दिल्ली के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और अपनी टीम को प्लेऑफ में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। अवेश ने इस साल आईपीएल में धोनी जैसे कई दिग्गज बल्लेबाजों का विकेट लिया था और रन देने में भी कंजूसी दिखाई थी। इसी की बदौलत उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई है।
अलग-अलग टूर्नामेंट में खेलकर अवेश तीन महीने बाद बुधवार को ही घर लौटे हैं। उन्होंने कहा,"हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए खेले। वह इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत करता है। मेरा यह सपना अब पूरा हो गया है।"
कैसा रहा अवेश का सफर
अवेश खान ने कहा कि पिछली घरेलू प्रतियोगिताओं और आईपीएल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। इससे भारतीय टीम में जगह बनाने में मदद मिली। आशिक खान याद करते हैं कि उनके बेटे के सपनों को कैसे पंख लगे। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा पहले इंदौर कोल्ट्स क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर अमय खुरासिया ने उनके हुनर को पहचानते हुए अपनी क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण के लिए चुना। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अवेश के साथ ही इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर (26) ने भी टी20 टीम में जगह बनाई है।
गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर बराबर ध्यान दिया : वेंकटेश
भारतीय क्रिकेट जगत में नाम कमाने वाले ऑलराउंडरों की संख्या ज्यादा नहीं है। टीम इंडिया में जगह बनाने वाले वेंकटेश अय्यर को पता है कि अगर उन्हें अपनी अहमियत बनाए रखनी है तो खेल के दोनों पहलुओं (बल्लेबाजी और गेंदबाजी) पर ध्यान देना होगा। आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश के 26 वर्षीय वेंकटेश को 17 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की सीरीज के लिए टी20 टीम में जगह मिली है।
उन्होंने कहा,‘अब तक काम के बोझ का मेरा प्रबंधन अच्छा रहा है। मैं ऑलराउंडर हूं इसलिए मुझे खेल के दोनों पहलुओं पर बराबर ध्यान देना पड़ता है। आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में राज्य स्तर पर खेलने के दौरान से ही मैं ऐसा करता रहा हूं। अब तक यह मेरे लिए बहुत बड़ा मुद्दा नहीं रहा है। मैंने हमेशा लाल गेंद के खेल पर कड़ी मेहनत की है। मेरा प्रयास रहा है कि मैं सिर्फ एक कौशल तक सीमित नहीं रहूं।’ उन्होंने रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए छह अर्द्धशतक जड़ने के अलावा सात विकेट चटकाए हैं।
अगर आपको भारत के लिए खेलना है तो सभी प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैंने अपने खेल के दोनों विभागों पर काफी काम किया है। मैंने अपनी बल्लेेबाजी पर जितना काम किया है, उतना ही काम गेंदबाजी कर भी किया है।
-वेंकटेश अय्यर