भारतीय सरजमीं पर कंगारुओं को मिली 4-0 की करारी हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने अपनी टीम की जमकर खिंचाई की है। 'हेराल्ड सन' ने तो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पागलखाने भेजने तक की नसीहत दे डाली।
टेलीग्राफ के एक लेख में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम का यह अब तक का सबसे खराब दौरा रहा। यह पिछले 34 साल में देश की सबसे खराब टेस्ट टीम है।
हेराल्ड सन ने लिखा है कि भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई टीम का व्यवहार पागलों जैसा रहा। टीम में एक ही गलती को बार-बार दोहराया।
एशेज से पहले अगर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने अपनी आदत नहीं सुधारी तो उन्हें पागलखाने में भर्ती कराना पड़ सकता है।
हेराल्ड के मुताबिक एशेज से पहले चिंता का विषय बल्लेबाजी औसत नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की मानसिकता है।
हार के सबसे बड़े गुनाहगार हैं वॉटसन
ऑस्ट्रेलियाई खेल पत्रकारों ने टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों खासकर कार्यवाहक कप्तान शेन वॉटसन को जमकर आड़े हाथों लिया।
टेलीग्राफ ने कहा कि शेन वॉटसन फिलहाल टीम में पक्की जगह के काबिल नहीं हैं। दिल्ली टेस्ट में तो उन्होंने खराब प्रदर्शन की हद कर दी। उसे अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करने की जरूरत है।
इसमें कहा गया कि माइकल क्लार्क के साथ वह ऑस्ट्रेलिया का सबसे सीनियर खिलाड़ी है, लेकिन वह एकमात्र बल्लेबाज है जिसने अर्धशतक भी नहीं बनाया। पुछल्ले बल्लेबाजों तक ने अर्धशतक बनाए हैं।
सिडनी मार्निंग हेराल्ड ने कहा कि दिल्ली में कप्तान रहे वॉटसन सबसे ज्यादा दोषी हैं। हेराल्ड ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के आउट होने के तरीकों पर उंगली उठाई।
अखबार में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया का इस सीरीज में दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 99 रन था जो तेज गेंदबाज मिशेल स्टॉर्क ने बनाया। भारत में आउट होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन इस तरीके से आउट होना बिल्कुल है।