त्रिकोणीय सीरीज का चौथा मैच होबार्ट में मेजबान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया और यह मुकाबला सीरीज का सबसे रोमांचक मुकाबला साबित हुआ। एक समय इंग्लैंड जीत की ओर जाता दिख रहा था लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने एक गेंद शेष रहते यानी 49.5 ओवर में 304 रनों का लक्ष्य 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इस हैट्रिक जीत से ऑस्ट्रेलिया जहां फाइनल में पहुंच गया वहीं दूसरी कौन सी टीम फाइनल में पहुंचेगी यह तय नहीं हो सका है। इंग्लैंड की हार के साथ ही भारत की भी उम्मीदें फिर से जग गई हैं हालांकि उसे अपने अगले दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने ही होंगे।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ओपनर इयान बेल (141 रन, 15 चौके और 1 छक्का) की शतकीय पारी के दम पर 50 ओवर में 8 विकेट पर 303 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
304 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 49.5 ओवर में 3 विकेट से मैच जीत लिया। उसकी इस जीत में स्टीवन स्मिथ का जोरदार योगदान रहा। पहली बार वनडे टीम की कप्तानी कर रहे स्मिथ ने शानदार 102 रनों की अविजित पारी खेली और अंत तक क्रीज पर बने रहे।
बेल के शतक से इंग्लैंड ने 300 से ज्यादा रन
इससे पूर्व इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिलने के बाद धुआंधार शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 17.4 ओवर में 113 रन जोड़ लिए। पारी की शुरुआत करने आए मोइन अली और इयान बेल ने टीम की जोरदार शुरुआत कराकर टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर कर दिया।
अपनी पारी में लगातार 3 गेंदों पर छक्का जमाने वाले मोइन 48 गेंदों में 46 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके भी लगाए। अच्छी शुरुआत को नए बल्लेबाज जेम्स टेलर बरकरार नहीं रख सके और 5 रन बनाकर आउट हो गए।
जल्दी-जल्दी 2 विकेट खोने के बाद बेल ने जोई रुट के साथ तीसरे विकेट के लिए 121 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को ढाई सौ के पार पहुंचा दिया। इस बीच बेल ने 92 गेंदों में अपना शतक भी जमा दिया। बेल का बढ़िया साथ दे रहे जोई रुट ने 56 गेंदों में अपनी फिफ्टी जमा दी। बेल 141 रन बनाकर आउट हुए। जबकि रुट ने 69 रनों का योगदान दिया।
बेल और रुट जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे उससे लग रहा था कि टीम साढ़े तीन सौ रन बनाने में कामयाब रहेगी लेकिन क्रीज पर आने वाले अन्य बल्लेबाज रन बनाने में नाकाम रहे। इंग्लैंड का तीसरा विकेट बेल के रूप में 42वें ओवर में गिरा उस समय टीम का स्कोर 253 रन था लेकिन अगले 8 ओवर में टीम 50 रन ही जोड़ पाई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू ने सर्वाधिक 2 विकेट झटके।
टेस्ट के बाद वनडे में भी स्मिथ ने बनाया दिलचस्प रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना था और उसने कप्तान स्टीवन स्मिथ के शतक के दम पर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। 304 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की पारी की शुरुआत ऐरोन फिंच और शॉन मार्श ने किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 11.4 ओवर में ही 76 रनों की साझेदारी कर डाली। मोइन अली ने फिंच को 32 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद मार्श भी 45 रन बनाकर आउट हो गए।
हालांकि 12वें ओवर में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने स्टीवन स्मिथ आए और उन्होंने अपना एक छोर संभाले रखा। कैमरून व्हाइट (0), ग्लेन मैक्सवेल (37), जेम्स फॉकनर (35), ब्रैड हैडिन (42) और मोएसिस हेनरिक (4) आउट होते गए लेकिन स्मिथ ने न सिर्फ अपना विकेट बचाए रखा बल्कि शतक भी ठोंक दिया। यह शतक उनके लिए बेहद खास साबित हुआ क्योंकि बतौर वनडे कप्तान अपने पहले ही मैच में उन्होंने शतक जमा दिया। इससे पहले भारत के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज में बतौर कप्तान अपने पहले ही मैच में शतक जमाया था। यह एक अनोखा रिकॉर्ड है।
स्मिथ ने मैक्सवेल, फॉकनर और हैडिन के साथ 3 अर्धशतकीय साझेदारियां कर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया। उन्होंने 49वें ओवर में शतक लगाया। इंग्लैंड की ओर से क्रिस वोग्स, मोइन अली और स्टीवन फिन ने 2-2 सफलता हासिल की।