आईसीसी वर्ल्ड कप से पहले सभी क्रिकेट टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में व्यस्त हैं। ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज में भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड खेल रही हैं तो दक्षिण अफ्रीका अपने घर में वेस्टइंडीज के साथ वनडे सीरीज खेलने में व्यस्त है। वहीं वर्ल्ड कप के सहमेजबान न्यूजीलैंड श्रीलंका के साथ 7 मैचों की वनडे सीरीज खेल रहा है।
पिछले साल किवी टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था और इस बार भी वह पिछला प्रदर्शन ही दोहरा रही है। सीरीज में बढ़त ले चुकी न्यूजीलैंड की टीम ने पांचवें वनडे में एक और गजब का खेल दिखाया और बड़ी जीत के साथ अजेय बढ़त 3-1 कर ली।
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर न्यूजीलैंड ने आतिशी बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 5 विकेट पर 360 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में सबसे दिलचस्प बात यह है कि उसके धाकड़ बल्लेबाज इस बार कोई कमाल नहीं दिखा सके। कप्तान ब्रैंडन मैकुलम के अलावा मार्टिन गुप्टिल, केन विलियम्सन, रॉस टेलर और कोरी एंडरसन में से कोई भी अपनी पारी में 30 रन भी नहीं बना सका। बावजूद इसके टीम 360 रन बनाने में सफल रही।
जवाब में श्रीलंका शुरुआत में किवी टीम को तगड़ी चुनौती देती देखी लेकिन ओपनर तिलकरत्ने दिलशान (110) के शतक के बाद ट्रेंट बोल्ट की धारदार गेंदबाजी के आगे मेहमान टीम पस्त हो गई और उसने 108 रनों के बड़े अंतर से मैच गंवा दिया।
नहीं चले किवी टीम के दिग्गज बल्लेबाज
पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने के बाद न्यूजीलैंड को पहली ही गेंद पर बड़ा झटका लग गया और उसके ओपनर मार्टिन गुप्टिल खाता खोले बगैर ही आउट हो गए। इसके बाद 11वें ओवर में कप्तान ब्रैंडन मैकुलम भी 25 रन बनाकर चलते बने। थोड़ी ही देर में केन विलियम्सन (26) भी टीम का साथ छोड़ गए और मंझधार में डाल दिया।
जल्दी-जल्दी 3 विकेट खोने के बाद किवी टीम 20 ओवर के अंदर अपनी आधी टीम को खो दिया। रॉस टेलर 20 और कोरी एंडरसन 8 रन बनाकर चलते बने। न्यूजीलैंड का स्कोर 20 ओवर में 5 विकेट पर 93 रन था और कहीं से भी नहीं लगता था कि टीम पूरे 50 ओवर खेल पाएगी अगर खेल भी लेती है तो मुश्किल से 200 के आसपास ही स्कोर कर पाएगी।
तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा और लाहिरू थिरिमने ने मेजबान टीम के 2-2 विकेट झटककर हालत खराब कर दी। लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाजों ने ऐसी आतिशी पारी खेली कि टीम ने 360 का स्कोर कर दिया और श्रीलंकाई गेंदबाजों का जमकर धज्जियां उड़ा दी।
93 रन पर 5 विकेट खोने के बाद बने 360 रन
किवी टीम 93 रन पर अपने 5 बल्लेबाजों को खोने के बाद अपनी नई जोड़ी ग्रैंड इलियट (नाबाद 104) और विकेटकीपर-बल्लेबाज ल्यूक रोंची (नाबाद 170) से उम्मीद थी कि वे टीम को संकट से बाहर निकालेंगे।
क्रीज पर आए दोनों नए बल्लेबाजों ने टीम को निराश नहीं किया और अंतिम 30 ओवरों में रनों की मूसलाधार बारिश करते हुए अविजित साझेदारी करते हुए छठे विकेट के लिए 267 रन बना डाले। महज 59 गेंदों में अपना अर्धशतक लगाने के बाद इलियट ने 93 गेंदों में शतक पूरा किया।
इलियट के अलावा उनका भरपूर साथ दे रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज ल्यूक रोंची ने धुआंधार बल्लेबाजी की और महज 74 गेंदों में ही शतक ठोंक दिया। दोनों बल्लेबाजों ने 47वें ओवर की पहली गेंद पर टीम को 300 के पार पहुंचा दिया। इसके बाद अगले 4 ओवरों में इन दोनों ने 60 रन कूट लिए। इलियट ने जहां अपनी पारी में 7 चौके के अलावा 2 छक्के लगाए वहीं रोंची ने 9 छक्के समेत 14 चौके जड़ डाले।
इन जोड़ी को 30 ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाज तोड़ पाने में नाकाम रहे और 267 रन जोड़ लिए। छठे विकेट के लिए अविजित 267 रनों की साझेदारी अब सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी और महेला जयवर्धने (10 जून, 2007) के नाम था जिन्होंने एशिया की ओर से खेलते हुए अफ्रीका एकादश के खिलाफ 218 रनों की साझेदारी की थी।
दिलशान का शतक बेकार, 41 रन पर गंवाए 8 विकेट
अंतिम 30 ओवरों में पौने तीन सौ रन खर्च कर देने से श्रीलंका के बल्लेबाजों पर संकट आ गया और उनके सामने हर ओवर में 7 रन प्रति ओवर के हिसाब से रन बनाने का दबाव आ गया। हालांकि श्रीलंका ने शुरुआत उम्मीद के मुताबिक की और 18 ओवर में 90 रन बना लिए। लेकिन 19वें ओवर में 93 रन के स्कोर पर कप्तान लाहिरू थिरिमने (45) का विकेट गंवाने के बाद ओपनर दिलशान तिलकरत्ने ने कुमार संगकारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी कर टीम की उम्मीद जगाए रखी।
लेकिन शतकीय पारी खेलने ग्रैंड इलियट ने गेंदबाजी में भी जलवा दिखाया और थिरिमने को आउट करने के बाद संगकारा (9) को भी चलता कर दिया। एक छोर पर टिके दिलशान ने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 95 गेंदों में शतक ठोंक दिया। दिलशान ने तीसरे विकेट के लिए महेला जयवर्धने (30) के साथ 70 रनों की साझेदारी कर टीम की उम्मीद को बनाए रखा। श्रीलंका ने 35 ओवर में 2 विकेट पर 208 रन बना लिए थे।
मेहमान टीम को मैच जीतने के लिए अगले 15 ओवर में 153 रन और बनाने थे साथ ही उसके पास 8 विकेट शेष थे। लेकिन यहां से श्रीलंकाई टीम लड़खड़ा गई और 44 ओवर के अंदर पूरी टीम 252 रन बनाकर आउट हो गई। श्रीलंका के 8 विकेट महज 41 रन जोड़कर गिर गए।
जयवर्धने के जाने के बाद दिलशान भी 116 रन (106 गेंद, 17 चौका और 1 छक्का) बनाकर चलते बने। इनके अलावा
और कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका। इलियट के 2 विकेट के अलावा ट्रेंट बोल्ट ने 44 रन देकर 4 विकेट झटके जबकि टिम साउदी और मिचेल मैक्लाघेन को भी 2-2 सफलता हाथ लगी।