ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान नो बॉल डालते बेन स्टोक्स
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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ब्रिस्बेन के गाबा पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन विवाद तब शुरू हुआ जब बेन स्टोक्स को सुबह के सत्र में 14 नो-बॉल फेंकते हुए नहीं देखा गया। यह घटना तब सामने आई जब पारी के 13वें ओवर में स्टोक्स ने वार्नर को नो बॉल पर आउट कर दिया। यह गेंद वार्नर के पैड से टकराने क बाद स्टंप्स पर चली गई, लेकिन फिर भी स्टोक्स ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया। वह शायद इस बात से वाकिफ थे कि उन्होंने ओवरस्टेप किया था। इसके बाद वार्नर को इंतजार करने के लिए कहा गया और बाद में पता चला कि स्टोक्स गेंद रिलीज करते वक्त पॉपिंग क्रीज से बाहर चलते गए थे। मैच का प्रसारण कर रहे चैनल 7 ने दिखाया। स्टोक्स ने पिछली तीन गेंदें भी नो डाली थीं। इसे तीसरे अंपायर की बड़ी गलती माना जा रहा है।
स्टोक्स ने फेंकी 14 नो बॉल
जब मीडिया में इस बात पर चर्चा हुई तो पता चला कि बेन स्टोक्स ने कुल 14 नो-बॉल फेंकी थीं। इस दौरान उनकी दो गेंदों को नो बॉल दिया गया जिससे सभी हैरान रह गए। इस साल की शुरुआत में अगस्त में आईसीसी ने तीसरे अंपायर को नो-बॉल की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया था। लेकिन जैसा कि बताया गया है कि गेंदबाजों की फ्रंट-फुट नो-बॉल का पता लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक इस श्रृंखला के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि, विकेट गिरने पर ऑन-फील्ड अंपायर के पास यह अधिकार होता है कि वह टीवी अंपायर से नो-बॉल की जांच करने के लिए कह सकता है।
पोटिंग ने बताया निराशाजनक
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग इस दौरान काफी नाराज दिखे। उन्होंने तीसरे अंपायर पर निराशाजनक अंपायरिेंग का आरोप लगाते हुए कहा अगर कोई नो बॉल की जांच करने के लिए है और उन्होंने यह तय नहीं किया है कि उनमें से कोई भी नो-बॉल है, तो जहाँ तक मेरा सवाल है, यह बहुत ही दयनीय है। उन्होने आगे कहा, अगर स्टोक्स को नो-बॉल के लिए पहले कहा गया होता वह बाद में पॉपिंग क्रीज के बाहर न जाते। वहीं आईसीसी के पूर्व अंपायर साइमन टफेल ने भी तीसरे अंपायर की आलोचना की। आईसीसी नियमों के मुताबिक तीसरे अंपायर को बॉलर की हर गेंद देखनी होती है को वह नो बॉल है या नहीं।